सीबीआई निदेशक की नियुक्ति पर असहमति: राहुल गांधी ने जताई आपत्ति, पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई चयन समिति की बैठक
नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार, 5 मई 2025 को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के नए निदेशक की नियुक्ति को लेकर गठित चयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना भी शामिल हुए।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने मौजूदा निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, राहुल गांधी ने इस प्रस्ताव पर असहमति जताते हुए एक डिसेंट नोट (विरोध पत्र) समिति को सौंपा। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए नाम को लेकर सहमत नहीं थे।
सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों से उलझी नियुक्ति प्रक्रिया
प्रवीण सूद का कार्यकाल 25 मई 2025 को समाप्त हो रहा है, जिसके चलते नए निदेशक की नियुक्ति आवश्यक है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में यह स्पष्ट किया था कि सीबीआई निदेशक ऐसे अधिकारी को बनाया जाए जिसकी सेवानिवृत्ति में कम से कम छह महीने का समय बचा हो और उसका कार्यकाल दो साल से कम न हो। साथ ही, तबादले या कार्यकाल में बदलाव के लिए चयन समिति की सहमति अनिवार्य है। ऐसे में कार्यकाल विस्तार पर मतभेद नियुक्ति प्रक्रिया को पेचीदा बना रहे हैं।
कौन हैं प्रवीण सूद ?
प्रवीण सूद कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। हिमाचल प्रदेश के निवासी सूद ने इससे पहले कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP) के रूप में कार्य किया है। उन्होंने 25 मई 2023 को सीबीआई निदेशक का पदभार संभाला था। उनके नेतृत्व को लेकर कांग्रेस ने पहले भी सवाल खड़े किए थे। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं, विशेषकर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सूद के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी और सत्ता में आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।
