27 अप्रैल महाकाल आरती: भगवान महाकालेश्वर का चंदन और पुष्पों से भव्य श्रृंगार, यहां से करें घर बैठे दर्शन
विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) //
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर रविवार सुबह दिव्यता और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही सबसे पहले भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक कर पंचामृत स्नान कराया गया। दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बना पंचामृत भगवान को अर्पित कर पूजन विधि संपन्न हुई।
बाबा महाकाल को भांग, चंदन, आभूषण और सुगंधित पुष्पों से श्रृंगारित किया गया। भस्म अर्पण के बाद भगवान ने शेषनाग के रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और रंग-बिरंगे फूलों की मनोहारी माला धारण की। श्री महाकाल को विभिन्न प्रकार के फलों के साथ अवन्तिका नगरी की प्रसिद्ध मिठाइयों का भोग लगाया गया।
सुबह की भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालु अपने आराध्य के दिव्य दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं निवेदित कर आशीर्वाद मांगा। चारों ओर ‘जय जय श्री महाकाल’, ‘हर हर महादेव’, ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष गूंजते रहे, जिससे सम्पूर्ण मंदिर परिसर भक्ति और ऊर्जा से भर गया।
