मौत खींचकर ले गई जम्मू-कश्मीर : हनीमून पर गए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की आतंकियों ने पत्नी के सामने की हत्या, यूरोप वीजा न मिलने पर गए थे पहलगाम

करनाल (शिखर दर्शन) // जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। विनय नरवाल मूल रूप से हरियाणा के करनाल जिले के भुसली गांव के रहने वाले थे। वे शादी के महज सातवें दिन अपनी पत्नी के साथ हनीमून मनाने गए थे।
परिवार के मुताबिक, विनय और हिमांशी पहले हनीमून के लिए यूरोप जाने वाले थे, लेकिन वीजा समय पर नहीं मिल पाने के कारण उन्होंने पहलगाम का रुख किया। लेकिन यह यात्रा उनकी ज़िंदगी की आखिरी यात्रा बन गई। हमले के वक्त आतंकी ने गोली मारने से पहले पत्नी से कहा—“जाओ, मोदी को बता देना।”
शादी के बाद पहला जन्मदिन भी नहीं मना सके
लेफ्टिनेंट विनय 1 मई को अपना जन्मदिन मनाने वाले थे। शादी के बाद यह उनका पहला जन्मदिन था, जिसे परिवार ने धूमधाम से मनाने की योजना बनाई थी। इसके बाद 3 मई को वह अपनी पत्नी के साथ केरल के कोच्चि में ड्यूटी पर लौटने वाले थे, जहां उनकी पोस्टिंग थी।
तीन साल पहले नेवी में हुए थे भर्ती

विनय नरवाल ने अपनी स्कूली शिक्षा करनाल के संत कबीर स्कूल से पूरी की और दिल्ली से बीटेक किया था। वे पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी थे। तीन साल पहले ही वे भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। उनके पिता राजेश कुमार पानीपत में कस्टम विभाग में सुपरिंटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं, जबकि मां आशा देवी और दादी बीरू देवी गृहिणी हैं। विनय की बहन सृष्टि दिल्ली में सिविल सेवा की तैयारी कर रही हैं। दादा हवा सिंह हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड हैं।

पहलगाम आतंकी हमला: 26 लोगों की मौत, एनआईए जांच में जुटी
22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले में कुल 26 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मरने वालों में सबसे अधिक 6 पर्यटक महाराष्ट्र से थे, जबकि गुजरात और कर्नाटक के तीन-तीन नागरिक भी मारे गए। छत्तीसगढ़ के एक व्यापारी दिनेश मिरानिया की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हमले के दौरान आतंकी ने टारगेट कर हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आतंकियों ने लोगों से धर्म पूछा, कलमा पढ़ने को कहा और फिर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में शामिल आतंकी की तस्वीर भी सामने आ चुकी है, जिसमें वह कैमरा लगे हेलमेट और AK-47 लिए हुए नजर आ रहा है।
प्रधानमंत्री की हाई-लेवल बैठक, आतंकी ठिकानों पर सेना का एक्शन
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल के साथ एयरपोर्ट पर ही बैठक की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस जनरल अनिल चौहान और अन्य उच्च अधिकारी सुरक्षा हालात की समीक्षा में जुटे हैं। पहलगाम पहुंची एनआईए की टीम जांच में लगी है।
इसी बीच उरी सेक्टर में घुसपैठ की एक कोशिश को सेना ने नाकाम कर दिया, जिसमें दो आतंकियों को मार गिराया गया। मौके से IED और दो AK-47 राइफलें बरामद की गई हैं।
