कूनो से गांधी सागर की ओर कदम: दो नर चीते होंगे शिफ्ट , तारीख तय हुई

भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्यप्रदेश में चीतों के संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है। कूनो नेशनल पार्क में जन्मे दो नर चीतों को अब गांधी सागर अभयारण्य में बसाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए 20 अप्रैल की तारीख तय कर दी गई है, जिस दिन दोनों चीतों को शिफ्ट किया जाएगा। इस प्रक्रिया को अंतिम मंजूरी चीता स्टीयरिंग कमेटी ने दे दी है।
गौरतलब है कि यह पहली बार होगा जब कूनो से बाहर किसी अन्य स्थान पर चीतों को स्थानांतरित किया जाएगा। गांधी सागर को चीतों के लिए दूसरा घर बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। कूनो नेशनल पार्क के बाद गांधी सागर अभयारण्य मध्यप्रदेश का दूसरा चीता रहवास स्थल बनने जा रहा है।
इस संबंध में आज गुरुवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र यादव के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होनी है। माना जा रहा है कि बैठक के बाद शिफ्टिंग की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
कूनो में कुल 26 चीते, 17 जंगल में स्वतंत्र विचरण कर रहे
कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में कुल 26 चीते हैं, जिनमें 12 वयस्क और 14 शावक शामिल हैं। इनमें से 6 वयस्क और 11 शावक कूनो के खुले जंगलों में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं। शेष चीतों को विशेष निगरानी में रखा गया है।
वन विभाग और विशेषज्ञों का मानना है कि गांधी सागर अभयारण्य का वातावरण और जैवविविधता चीतों के लिए उपयुक्त है। यदि यह स्थानांतरण सफल होता है, तो यह भारत में चीता पुनर्वास परियोजना के विस्तार के लिए एक मजबूत आधार बनेगा।



