‘वन संरक्षण और जलवायु अनुकूल आजीविका’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आज से, विश्व धरोहर दिवस पर प्रदेश के सभी संग्रहालयों और स्मारकों में निशुल्क प्रवेश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आज की प्रमुख गतिविधियां

भोपाल (शिखर दर्शन) // मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव शुक्रवार को मध्यप्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में वन पुनर्स्थापन, जलवायु परिवर्तन और समुदाय आधारित आजीविका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। यह कार्यशाला राजधानी भोपाल स्थित नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला का उद्देश्य ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्यों में वनों की भूमिका पर व्यापक मंथन करना है। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह स्वागत उद्बोधन देंगे, वहीं कार्यशाला की रूपरेखा डॉ. राहुल मूँगीकर द्वारा प्रस्तुत की जाएगी। इस अवसर पर जनजातीय समुदायों और प्राकृतिक संरक्षण पर केंद्रित एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दी जाएगी, जो इस विषय की महत्ता को रेखांकित करेगी।
विश्व धरोहर दिवस पर पर्यटकों के लिए तोहफा, निशुल्क रहेगा प्रवेश
18 अप्रैल को मनाए जा रहे विश्व धरोहर दिवस के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी संग्रहालयों और संरक्षित स्मारकों में पर्यटकों के लिए निशुल्क प्रवेश की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा इस आशय का आदेश जारी किया गया है।
हर वर्ष 18 अप्रैल को मनाया जाने वाला यह दिन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जागरूकता को समर्पित होता है। इसकी शुरुआत विश्व स्मारक दिवस के रूप में हुई थी, जिसे बाद में यूनेस्को ने विश्व धरोहर दिवस के रूप में मान्यता दी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आज की प्रमुख व्यस्तताएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल होंगे। इसके बाद वे दोपहर 2:30 बजे ‘चीता प्रोजेक्ट’ की समीक्षा बैठक में भाग लेंगे। शाम 4:30 बजे मुख्यमंत्री दिल्ली के लिए रवाना होंगे।



