धर्मांतरण को लेकर न्यायधानी में फिर बवाल, हिंदू संगठनों के विरोध के बाद दो युवक हिरासत में, पुलिस कर रही पूछताछ
प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का आरोप, दो हिरासत में
बढ़ते मामलों से हिंदू संगठनों में आक्रोश, पुलिस सतर्क
बिलासपुर (शिखर दर्शन) // शहर में एक बार फिर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। इस बार यह प्रकरण तोरवा थाना क्षेत्र के साईं भूमि परिसर में सामने आया, जहां रविवार को प्रार्थना सभा के बहाने हिंदू धर्मावलंबियों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। हिंदू संगठनों को जैसे ही इसकी भनक लगी, वे मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। सूचना पर तत्काल पहुंची तोरवा पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, साईं भूमि परिसर में ईसाई समाज के कुछ लोगों द्वारा प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। इस दौरान आरोप है कि वहां मौजूद कुछ लोग हिंदू धर्म के अनुयायियों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और इसका विरोध करते हुए पुलिस को सूचना दी।
पिछले मामलों से बन रही चिंताजनक प्रवृत्ति
धर्मांतरण के ऐसे मामले बिलासपुर में पहले भी सामने आ चुके हैं। बीते 6 अप्रैल को सरकंडा थाना क्षेत्र के अटल आवास में दो स्थानों पर प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण की गतिविधियों की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो पास्टर सहित छह लोगों को हिरासत में लिया था।
वहीं 23 मार्च को मोपका क्षेत्र में भी इसी प्रकार की शिकायत पर पुलिस ने दो घरों में दबिश दी थी, जहां गुप्त रूप से प्रार्थना सभाएं कर लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई में चार लोगों को हिरासत में लिया था और उनके पास से धर्म विशेष से संबंधित किताबें और साहित्य भी जब्त किए गए थे।
पुलिस जांच में जुटी, हिंदू संगठन कर रहे कड़ी निगरानी
बिलासपुर में लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद पुलिस विभाग सतर्क हो गया है और सभी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। वहीं, हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि धर्मांतरण की घटनाएं नहीं रुकीं तो बड़े आंदोलन किए जाएंगे। फिलहाल तोरवा थाना पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों से पूछताछ जारी है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।



