दमोह मिशन अस्पताल फर्जी डॉक्टर प्रकरण: स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद जांच के भय से कई क्लीनिकों के शटर ही नहीं खुले

भोपाल (शिखर दर्शन) //
दमोह मिशन अस्पताल में फर्जी डॉक्टर के खुलासे के बाद पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। फर्जी डिग्रियों के आधार पर क्लीनिक चला रहे कथित डॉक्टरों पर विभाग लगातार शिकंजा कस रहा है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई के चलते राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में क्लीनिकों पर ताले लटके मिले। जांच की भनक लगते ही कई डॉक्टरों ने अपने क्लीनिक खोलने से परहेज किया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आज भोपाल के अशोका गार्डन स्थित गुप्ता क्लीनिक और प्लेटिनम प्लाजा स्थित शुद्ध क्लीनिक में जांच के लिए दस्तक दी, लेकिन दोनों ही स्थानों पर क्लीनिक बंद मिले। विभाग ने ऐसे सभी बंद क्लीनिकों को निगरानी में रखने का फैसला लिया है।
बता दें कि एक दिन पहले स्वास्थ्य विभाग ने पांच क्लीनिकों को सील कर दिया था और 15 अस्पतालों को बिना वैध रजिस्ट्रेशन के संचालित पाया गया था। फर्जी डिग्रीधारकों के खिलाफ यह कार्रवाई प्रदेशव्यापी स्तर पर जारी है, जिससे मेडिकल क्षेत्र में अवैध रूप से पनप रहे नेटवर्क पर लगाम कसने की उम्मीद की जा रही है।
विभाग का कहना है कि बिना अनुमति और बिना योग्य डिग्री के संचालित क्लीनिकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह सख्ती न केवल मरीजों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि चिकित्सा पेशे की साख बचाने की दिशा में भी अहम कदम है।



