हवस, हैवानियत और… कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

रीवा गैंगरेप केस: कोर्ट ने 8 आरोपियों को सुनाई उम्रकैद, दो लाख से अधिक का जुर्माना
रीवा (शिखर दर्शन) // मध्य प्रदेश के रीवा में अक्टूबर 2024 में हुए सनसनीखेज गैंगरेप मामले में कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश पदमा जाटव की अदालत ने बुधवार को 8 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर दो लाख तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
भैरव बाबा मंदिर के पास दिया था घटना को अंजाम
घटना 21 अक्टूबर 2024 की है, जब एक दंपति गुढ़ थाना क्षेत्र स्थित भैरव बाबा मंदिर दर्शन करने गया था। इसी दौरान मंदिर के पीछे शराब पार्टी कर रहे 8 बदमाशों ने पति को बंधक बना लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस ने सभी आरोपियों को किया था गिरफ्तार
घटना के बाद पीड़िता ने गुढ़ थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों—रामकिशन, गरुड़ कोरी, राकेश गुप्ता, सुशील कोरी, रजनीश कोरी, दीपक कोरी, राजेंद्र कोरी और लवकुश कोरी—को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से एक आरोपी वारदात के बाद छत्तीसगढ़ में जाकर छिप गया था, जिसे पुलिस ने तलाश कर गिरफ्तार किया था।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में 6 महीने में सुनवाई पूरी
गुढ़ थाना पुलिस ने इस जघन्य अपराध के खिलाफ तेजी से जांच की और मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहुंचाया। सभी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई। इस फैसले को पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है।
रीवा में इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन कर न्याय की मांग उठाई थी। अदालत के फैसले के बाद पीड़िता के परिजनों ने संतोष जताया है।