वक्फ बिल के राज्यसभा में पास होने का रास्ता साफ ! विपक्ष को बड़ा झटका , अंतिम समय में इस पार्टी ने बदला रुख

नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // राज्यसभा में गुरुवार को होने वाली वक्फ संशोधन बिल पर वोटिंग से पहले बीजू जनता दल (BJD) ने बड़ा राजनीतिक संकेत दिया है। अब तक इस बिल का विरोध कर रही ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी ने अपने सांसदों को स्वतंत्र निर्णय लेने की अनुमति दे दी है। बीजेडी ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर कोई व्हिप जारी नहीं करेगी, जिससे विपक्ष को करारा झटका लगा है और एनडीए के लिए बहुमत जुटाना आसान हो सकता है।
बीजेडी के फैसले से विपक्ष कमजोर, NDA को राहत
गौरतलब है कि बीजेडी इससे पहले इस बिल का कड़ा विरोध कर चुकी थी और इसे अल्पसंख्यकों के हितों के खिलाफ बताया था। लेकिन वोटिंग से ठीक पहले पार्टी ने अपने रुख में बदलाव किया है। बीजेडी के इस फैसले से एनडीए को समर्थन जुटाने में राहत मिलेगी, जबकि विपक्ष की रणनीति प्रभावित हो सकती है।
बीजेडी ने दिया बयान, सांसदों को मिली स्वतंत्रता
बीजू जनता दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने एक्स (Twitter) पर आधिकारिक बयान जारी कर कहा,
“बीजेडी हमेशा धर्मनिरपेक्षता और समावेशिता के सिद्धांतों का पालन करती रही है। हम अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं का सम्मान करते हैं। इन विचारों को ध्यान में रखते हुए, हमने अपने माननीय सांसदों को यह निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी है कि वे न्याय, सद्भाव और सभी समुदायों के सर्वोत्तम हित में मतदान करें। इस मुद्दे पर कोई पार्टी व्हिप जारी नहीं किया गया है।”
राज्यसभा में NDA को मिलेगा संख्याबल?
राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं, जिनमें से बहुमत के लिए 119 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। एनडीए के पास 125 सांसद हैं, जिसमें बीजेपी के 98, जेडी(यू) के 4, टीडीपी के 2, एनसीपी के 3, शिवसेना के 1, आरएलडी के 1 सांसद शामिल हैं। इसके अलावा, असम गण परिषद और तमिल मनिला कांग्रेस जैसे दलों से भी समर्थन मिलने की संभावना है।
बीजेडी के इस फैसले से जहां एनडीए की स्थिति मजबूत हुई है, वहीं विपक्ष की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वोटिंग के दौरान बीजेडी के सांसद किस तरह का रुख अपनाते हैं और क्या विपक्ष अपनी रणनीति में कोई बदलाव करता है।