दर्दनाक हादसा: गणगौर विसर्जन से पहले कुएं की सफाई कर रहे 8 ग्रामीणों की जहरीली गैस से मौत, गांव में पसरा मातम

खंडवा (शिखर दर्शन) // मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के छैगांवमाखन के कुंडावत गांव में गणगौर विसर्जन से पहले कुएं की सफाई करना ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हुआ। जहरीली गैस के कारण दम घुटने से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
कुएं की सफाई के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, गणगौर माता के विसर्जन की तैयारियों के तहत गांव के कुछ लोग पुराने कुएं की सफाई करने उतरे थे। इस दौरान तीन लोग दलदल में फंस गए। उन्हें बचाने के लिए एक-एक कर पांच और लोग कुएं में उतरे, लेकिन जहरीली गैस के प्रभाव और गाद में फंसने के कारण सभी की मौत हो गई। ग्रामीणों ने घटना की सूचना तुरंत प्रशासन को दी।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, रेस्क्यू ऑपरेशन चला
घटना की खबर मिलते ही पंधाना थाना, छैगांवमाखन थाना पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, एसपी मनोज राय, एसडीएम बजरंग बहादुर सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने ग्रामीणों और एसडीआरएफ टीम की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और शवों को बाहर निकाला।

खंडवा एसपी मनोज राय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण कुएं में बनी जहरीली गैस और गाद के दलदल में फंसना पाया गया है। मृतकों में गांव के पूर्व सरपंच भी शामिल हैं।
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता राशि
खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि कुएं में जहरीली गैस बनने से दम घुटने के कारण मौतें हुई हैं। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मरने वालों में ये लोग शामिल
- राकेश पिता हरी (21)
- वासुदेव पिता आत्माराम (4)
- अर्जुन पिता गोविंद (35)
- गजानन पिता गोपाल (35)
- मोहन पिता मंसाराम पटेल (पूर्व सरपंच) (48)
- अजय पिता मोहन (25)
- शरण पिता सुखराम (37)
- अनिल पिता आत्माराम (25)
गांव में पसरा मातम, विसर्जन की खुशियां बदलीं गम में
गणगौर विसर्जन की तैयारियों के बीच हुई इस त्रासदी से पूरे गांव में मातम पसर गया है। जो लोग पूजा-अर्चना की तैयारी कर रहे थे, वे अब अपने परिजनों को खोने के गम में डूबे हैं। प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हादसे की विस्तृत जांच जारी है।