ट्रंप का नया आदेश : अमेरिकी कर्मचारियों का चीनी नागरिकों से दोस्ती और शारीरिक संबंध बनाने पर लगाया प्रतिबंध

वाशिंगटन // अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन ने एक सख्त नीति लागू की है। इस नई नीति के तहत, चीन में तैनात अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों, उनके परिवार के सदस्यों और सुरक्षा मंजूरी प्राप्त ठेकेदारों (कॉन्ट्रैक्टर्स) को चीनी नागरिकों के साथ प्रेम संबंध बनाने या घनिष्ठ दोस्ती रखने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह निर्देश जनवरी से प्रभावी है, लेकिन इसे सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया गया था। इससे पहले, अमेरिकी सरकार ने अपने दूतावासों में तैनात चीनी सुरक्षाकर्मियों और अन्य स्थानीय सहयोगी कर्मचारियों के साथ अमेरिकी अधिकारियों की दोस्ती पर भी रोक लगा दी थी। अब यह प्रतिबंध सभी चीनी नागरिकों पर लागू कर दिया गया है।
चीन में तैनात अमेरिकी कर्मचारियों पर कड़े नियम
यह नया निर्देश बीजिंग स्थित अमेरिकी दूतावास और गुआंगज़ौ, शंघाई, शेनयांग, वुहान, हांगकांग समेत चीन में अमेरिकी मिशनों को कवर करता है। जनवरी में चीन छोड़ने से ठीक पहले, अमेरिकी राजदूत निकोलस बर्न्स ने इस प्रतिबंध की घोषणा की थी।
पहले से बने संबंधों पर क्या होगा असर?
इस नीति के तहत चीन में कार्यरत अमेरिकी कर्मचारी यदि पहले से ही किसी चीनी नागरिक के साथ संबंध में हैं, तो उन्हें छूट के लिए आवेदन करना होगा। हालांकि, यदि उनकी छूट अस्वीकार कर दी जाती है, तो उन्हें या तो अपना संबंध समाप्त करना होगा या फिर अपने पद से इस्तीफा देना होगा।
चीन से बाहर के अमेरिकी कर्मियों पर नहीं लागू होगा नियम
ट्रंप प्रशासन का यह आदेश केवल चीन में तैनात अमेरिकी कर्मचारियों पर लागू होगा और चीन से बाहर कार्यरत अमेरिकी अधिकारियों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिबंध अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते राजनयिक और भू-राजनीतिक तनाव को दर्शाता है।
इस नीति के पीछे सुरक्षा कारणों को मुख्य आधार बताया जा रहा है, लेकिन यह कदम निश्चित रूप से अमेरिका और चीन के संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बना सकता है।