वक्फ संशोधन विधेयक 2025 लोकसभा में पेश, रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर साधा निशाना

नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // आज लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया गया। यह विधेयक भारतीय संसद में संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने अपनी बात रखते हुए वक्फ की संपत्तियों के प्रबंधन और इसके उपयोग में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “वक्फ संशोधन विधेयक असंवैधानिक नहीं है, बल्कि यह विधेयक गरीब मुसलमानों को वक्फ प्रबंधन में शामिल करने का अवसर प्रदान करेगा। यह विधेयक महिलाओं और पिछड़े मुसलमानों को वक्फ के प्रबंधन में स्थान देने के लिए है। जब हम संविधान की बात करते हैं, तो महिलाओं के अधिकारों के लिए संविधान में प्रावधान है, और इस बिल में भी उसी संदर्भ में बदलाव किया गया है।”
वक्फ की संपत्तियों के बारे में बात करते हुए उन्होंने सवाल किया, “वक्फ की प्रॉपर्टी से कितने स्कूल, अनाथालय और सिलाई केंद्र बने हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण वक्फ की संपत्तियों का सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है।
रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी वक्फ की प्रॉपर्टी के सही उपयोग में रुकावट डालने का काम कर रही है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर शाहबानो केस और तीन तलाक मामले का उल्लेख किया, जहां कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कानून लाने का प्रयास किया था। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार के सुधार कार्यों का समर्थन किया, जैसे कि धारा 370 का निरसन और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) की वकालत।
वक्फ संशोधन विधेयक में महिलाओं को वक्फ प्रबंधन में भागीदारी देने, वक्फ प्रॉपर्टी का सही उपयोग करने और सरकारी निगरानी में सुधार जैसे प्रावधान किए गए हैं। रविशंकर प्रसाद ने वक्फ की संपत्ति के गलत उपयोग पर चिंता जताई और कहा कि वक्फ का दावा करने वाले कुछ लोग इसका गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं, जो देश के हित में नहीं है।
उन्होंने यह भी पूछा, “क्या आप चाहते हैं कि वक्फ की संपत्तियां लूटी जाएं?” और यह भी कहा कि इस विधेयक में बड़े-बड़े सांसद, विशेषज्ञ और सिविल सोसाइटी सदस्य शामिल हैं, तो इसे विरोध क्यों किया जा रहा है?
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 का उद्देश्य वक्फ प्रॉपर्टी का बेहतर उपयोग करना और उसे प्रबंधन में पारदर्शिता लाना है, ताकि इससे समाज के कमजोर वर्ग, विशेषकर महिलाओं और पिछड़े मुसलमानों को फायदा हो सके।



