नर्सिंग छात्रा की मौत का मामला: चार सदस्यीय जांच समिति गठित, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

बिलासपुर (शिखर दर्शन) // यूनिटी अस्पताल में नर्सिंग छात्रा किरण वर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और एनेस्थीसिया देने के बाद हालत बिगड़ने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जो इस घटना की गहन जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
क्या है पूरा मामला?
मुंगेली जिले के सिलदहा निवासी 21 वर्षीय किरण वर्मा शासकीय नर्सिंग कॉलेज लगरा में तृतीय वर्ष की छात्रा थी। उसे गले में थायराइड की गांठ की शिकायत थी, जिसके लिए डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी थी। 7 मार्च को परिजन उसे लेकर यूनिटी अस्पताल पहुंचे, जहां जरूरी जांच के बाद शाम को ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया दिए जाने के बाद किरण की हालत अचानक बिगड़ गई, और वह कोमा में चली गई।

डॉक्टरों ने आनन-फानन में गले में छेद कर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया और उसे आईसीयू में भर्ती कर दिया। परिजनों का आरोप है कि दो दिनों तक उन्हें किरण से मिलने नहीं दिया गया और न ही उसकी स्थिति की कोई स्पष्ट जानकारी दी गई। 10 मार्च की रात अचानक अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को किरण की मृत्यु की सूचना दी, जिससे वे आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा कर दिया।
विशेष जांच टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला चिकित्सा अधिकारी प्रमोद तिवारी ने चार विशेषज्ञों की एक समिति गठित की है। इस टीम में स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ और नर्सिंग होम एक्ट की निगरानी करने वाले अधिकारी शामिल हैं। समिति यूनिटी अस्पताल प्रबंधन से पूछताछ कर रही है और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जांच जारी है, और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।




