11 मार्च महाकाल आरती: चांदी के त्रिपुंड और सुगंधित पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार, मंदिर गूंज उठा जयकारों से
विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) // श्री महाकालेश्वर मंदिर में फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि पर मंगलवार प्रातः मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले गए। बाबा महाकाल का सर्वप्रथम जल से अभिषेक किया गया, इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन हुआ।
भगवान महाकाल के मस्तक पर चांदी का त्रिपुंड अंकित कर उन्हें सुगंधित पुष्पों से दिव्य रूप में श्रृंगारित किया गया। भस्म चढ़ाने के बाद बाबा ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी विशेष माला धारण की। पूजन के उपरांत उन्हें फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
मंगलवार प्रातः संपन्न हुई भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद मांगा। पूरा मंदिर जय जय श्री महाकाल, हर हर महादेव, हर हर शंभू और ॐ नमः शिवाय के गगनभेदी जयकारों से गूंजायमान हो उठा।
