9 मार्च महाकाल आरती: भगवान महाकाल का त्रिपुंड और चंद्र अर्पण कर किया दिव्य श्रृंगार, घर बैठे यहां करें दर्शन

विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि (रविवार) को तड़के मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर की पहली आरती में भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक और दिव्य श्रृंगार किया गया।
भगवान महाकाल का सबसे पहले जल से अभिषेक हुआ, इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भव्य अभिषेक पूजन संपन्न हुआ। मस्तक पर त्रिपुंड और चंद्र अर्पित कर भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद बाबा को चंदन, भस्म और सुगंधित पुष्पों से श्रृंगारित किया गया। महाकालेश्वर को शेषनाग का रजत मुकुट, मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और भव्य फूलों की माला धारण करवाई गई। पूजा-अर्चना के पश्चात भगवान को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।

रविवार तड़के हुई भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए और महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में जाकर अपनी मनोकामनाएं प्रकट कीं और श्री महाकाल तक अपनी बात पहुंचाने की विनती कर रहे थे । इस दौरान मंदिर परिसर ‘जय जय श्री महाकाल’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा, जिससे समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया।
