बजट से पहले छत्तीसगढ़ कैबिनेट की अहम बैठक, आबकारी नीति से लेकर श्रम कानूनों में संशोधन तक कई बड़े फैसले 🌟📜

रायपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ में 3 मार्च को पेश होने वाले बजट से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक ली। बैठक में राज्य के आगामी बजट समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। आइए जानते हैं प्रमुख निर्णयों के बारे में—
🏛️ कैबिनेट के प्रमुख फैसले—
🍾 आबकारी नीति 2025-26 को मंजूरी
🔹 आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। यह नीति वर्ष 2024-25 के समान होगी।
🔹 प्रदेश में 674 मदिरा दुकानें संचालित की जाएंगी और जरूरत के अनुसार प्रीमियम शराब दुकानों का संचालन जारी रहेगा।
🔹 विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों पर लगने वाला 9.5% अतिरिक्त आबकारी शुल्क समाप्त कर दिया गया है, जिससे शराब उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
🏠 लोक परिसर (बेदखली) संशोधन विधेयक को मंजूरी
🔹 छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) (संशोधन) विधेयक-2025 को मंजूरी दी गई, जिससे सरकारी परिसरों से अवैध अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी।
📊 ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा
🔹 राज्य सरकार ने ई-प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए गठित सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया।
🔹 अब ₹100 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं PFIC (Public Financial Investment Committee) द्वारा स्वीकृत की जाएंगी, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी आएगी।
⚖️ उपभोक्ता विवाद निपटान के लिए नया पद
🔹 छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए एक नए सदस्य पद का सृजन किया गया।
🚜 धान एवं चावल परिवहन की नई दरें स्वीकृत
🔹 खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के तहत धान और चावल परिवहन दरों को निर्धारित करने वाली राज्य स्तरीय समिति की सिफारिशों को मंजूरी दी गई।
🏗️ श्रम कानूनों में संशोधन को हरी झंडी
🔹 छत्तीसगढ़ श्रम विधियां संशोधन एवं विविध प्रकीर्ण उपबंध विधेयक-2025 के तहत—
🔸 कारखाना अधिनियम-1948,
🔸 औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947,
🔸 ट्रेड यूनियन अधिनियम-1976 में संशोधन को मंजूरी दी गई।
🔹 इन संशोधनों से श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा होगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
🏛️ रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में संशोधन
🔹 रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 को मंजूरी दी गई।
🔹 वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग में उप पंजीयक के रिक्त पदों को भरने के लिए पांच वर्षों की अर्हकारी सेवा में एक बार की छूट प्रदान की गई।
🏭 औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को और प्रभावी बनाने के प्रयास
🔹 1 नवंबर 2024 से लागू होने वाली औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को प्रभावी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम-2002 में संशोधन को मंजूरी दी गई।
🤝 आजीविका सृजन एवं ग्रामीण विकास के लिए एमओयू
🔹 छत्तीसगढ़ सरकार और व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया (आर्ट ऑफ लिविंग) के बीच आजीविका सृजन एवं ग्रामीण विकास से जुड़े एक समझौता ज्ञापन (MoU) को स्वीकृति दी गई।
🔹 कैबिनेट की पिछली बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसले—
🔹 राज्य के किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य भंडार क्रय नियम-2002 में छूट दी गई।
🔹 छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025 को मंजूरी दी गई।
🔹 षष्ठम् विधान सभा के पंचम सत्र के लिए राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया।
🔹 खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत किसानों से खरीदे गए धान की शेष राशि के भुगतान हेतु ₹3300 करोड़ की अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति राशि को स्वीकृति दी गई।
🔹 बैंक गारंटी से संबंधित विलेखों पर स्टाम्प शुल्क की नई दरें निर्धारित करने के लिए भारतीय स्टाम्प अधिनियम-1899 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 को मंजूरी मिली।
🔹 भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारियों को गैर-कार्यात्मक (Non-functional) स्केल देने के लिए नए पदों का सृजन किया गया।
🔎 निष्कर्ष
मंत्रिपरिषद की इस बैठक में शराब नीति, श्रम कानून, औद्योगिक विकास, उपभोक्ता अधिकार, ग्रामीण विकास समेत कई महत्वपूर्ण मामलों पर निर्णय लिए गए। आगामी बजट सत्र से पहले सरकार के ये फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक नीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। 🚀📊
