2 मार्च महाकाल आरती: चंद्र और त्रिनेत्र से हुआ बाबा महाकालेश्वर का भव्य श्रृंगार, यहां से करें दिव्य दर्शन

विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) // फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के मंदिर के कपाट खोले गए। मंदिर प्रांगण हर-हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयकारों से गूंज उठा। सबसे पहले भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक किया गया, इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से उनका विशेष पूजन-अभिषेक संपन्न हुआ।
भस्म आरती के पावन अवसर पर बाबा महाकाल को भस्म अर्पित कर भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला धारण की। साथ ही, सुगंधित पुष्पों से बनी फूलों की माला अर्पित कर दिव्य श्रृंगार किया गया। पूजन के बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग समर्पित किया गया।
रविवार अलसुबह आयोजित भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालु नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर महाकाल से आशीर्वाद मांग रहे थे। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय जय श्री महाकाल के उद्घोष से गूंज उठा, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।
