शेयर बाजार में जोरदार गिरावट: सेंसेक्स 987 और निफ्टी 300 अंक फिसला, निवेशकों के 7.5 लाख करोड़ रुपये डूबे

नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 28 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 987.50 अंकों (1.32%) की गिरावट के साथ 73,624.93 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 299.75 अंकों (1.33%) की गिरावट के साथ 22,245.30 के स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट का व्यापक असर
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि सिर्फ दो शेयरों में मामूली तेजी रही। वहीं, निफ्टी के 50 में से 46 शेयरों में गिरावट और केवल चार में बढ़त देखी गई। एनएसई के सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा गिरावट इन सेक्टर्स में
- निफ्टी आईटी: 3.27% गिरावट
- ऑटो सेक्टर: 2.65% गिरावट
- मीडिया सेक्टर: 2.50% गिरावट
- सरकारी बैंकिंग सेक्टर: 2.05% गिरावट
- मेटल सेक्टर: 1.82% गिरावट
इसके अलावा, फार्मा, बैंकिंग, एफएमसीजी और फाइनेंशियल सर्विसेज में भी 1% तक की गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों को बड़ा झटका, 7.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
शेयर बाजार में तेज बिकवाली के चलते निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 385 लाख करोड़ रुपये रह गया, जबकि 27 फरवरी को यह 393 लाख करोड़ रुपये था। यानी सिर्फ एक दिन में निवेशकों की संपत्ति 7.5 लाख करोड़ रुपये कम हो गई।
बाजार में गिरावट की 3 प्रमुख वजहें
- तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों की उम्मीद: आज भारत की जीडीपी वृद्धि दर के आंकड़े जारी होने हैं। इस तिमाही में 6.3% की वृद्धि दर की उम्मीद जताई जा रही है। निवेशक इसको लेकर सतर्क बने हुए हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
- अमेरिकी टैरिफ नीति का असर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 मार्च से कनाडा और मैक्सिको पर 25% टैरिफ लगाने की पुष्टि की है। इसके अलावा, चीन पर पहले से लगे 10% टैरिफ के साथ 4 मार्च से अतिरिक्त 10% टैरिफ भी लगाया जाएगा। इस फैसले से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे भारतीय बाजार भी प्रभावित हुआ।
- विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 27 फरवरी को 556.56 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। 2025 में अब तक FII भारतीय शेयर बाजार से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी कर चुके हैं। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 83,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं, लेकिन यह बिकवाली को पूरी तरह संतुलित नहीं कर सका।
क्या आगे भी जारी रहेगी गिरावट ?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है। वैश्विक बाजारों में सुधार और जीडीपी डेटा के बाद बाजार की दिशा तय होगी।



