महाकुंभ में नया कीर्तिमान: प्रयागराज एयरपोर्ट पर 650 चार्टर्ड फ्लाइट्स, संगम स्नान का बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड

प्रयागराज (शिखर दर्शन) // महाकुंभ 2025 में आस्था की लहरें उमड़ रही हैं। देश-विदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु संगम नगरी प्रयागराज पहुंच रहे हैं और गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। हर दिन लाखों श्रद्धालु कुंभ में स्नान कर रहे हैं, और अब तक कुल 51.47 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान कर चुके हैं, जो एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
प्रयागराज एयरपोर्ट पर 650 चार्टर्ड फ्लाइट्स उतरीं
महाकुंभ के बढ़ते आकर्षण का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रयागराज एयरपोर्ट पर अब तक 650 चार्टर्ड फ्लाइट्स उतर चुकी हैं। इनमें देश-विदेश के गणमान्य लोग, राजनेता, उद्योगपति और धार्मिक हस्तियां शामिल हैं। 11 फरवरी को रिकॉर्ड 71 चार्टर्ड फ्लाइट्स प्रयागराज पहुंचीं, जबकि 8 फरवरी को 60 जेट लैंड हुए। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, महाकुंभ के दौरान जितने लोग चार्टर्ड प्लेन से आ रहे हैं, उतने सामान्य दिनों में पूरे महीने में भी नहीं आते।
विदेशी मेहमानों का भी आकर्षण
महाकुंभ की भव्यता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल भी संगम स्नान कर चुके हैं। भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक समेत कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियां इस महापर्व का हिस्सा बनी हैं।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई बड़े नेताओं ने लगाई डुबकी
महाकुंभ के पवित्र जल में अब तक कई बड़े राजनेता संगम स्नान कर चुके हैं। इनमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री और सांसद शामिल हैं।
बॉलीवुड, खेल और उद्योग जगत की हस्तियां भी बनीं साक्षी
महाकुंभ में न सिर्फ राजनेता बल्कि बॉलीवुड, खेल और उद्योग जगत की बड़ी हस्तियों ने भी आस्था की डुबकी लगाई। इनमें हेमा मालिनी, अनुपम खेर, भाग्यश्री, मिलिंद सोमण, ईशा गुप्ता, साइना नेहवाल, सुरेश रैना, अंतरराष्ट्रीय रेसलर द ग्रेट खली, रेमो डिसूजा, कुमार विश्वास, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी जैसे नाम शामिल हैं।
महाकुंभ बना आस्था और संस्कृति का वैश्विक केंद्र
हर दिन प्रयागराज में लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। इस महासंगम ने न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत किया है। महाकुंभ की भव्यता और इसकी दिव्यता का अनुभव करने के लिए भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया प्रयागराज की ओर आकर्षित हो रही है।