भारत निवेश का प्रमुख केंद्र, भारत-फ्रांस सीईओ फोरम में बोले पीएम मोदी, फ्रांस को लेकर दिया बड़ा बयान

पेरिस (शिखर दर्शन) // प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस दौरे के दूसरे दिन 14वें भारत-फ्रांस सीईओ फोरम में भाग लिया। उन्होंने भारत को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और जनकल्याण की भावना पर आधारित है।
पीएम मोदी ने फोरम को भारत और फ्रांस के श्रेष्ठ व्यापारिक दिमागों का संगम बताते हुए ‘इनोवेट, कोलैबोरेट और इंटीग्रेटेड’ का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यावसायिक आयोजन नहीं, बल्कि दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
2047 रोडमैप और निवेश के अवसरों पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-फ्रांस साझेदारी को मजबूत करने के लिए 2047 रोडमैप का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस केवल अपने देशों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी मिलकर सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने भारत में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि देश तेजी से एक पसंदीदा वैश्विक निवेश गंतव्य बन रहा है। सेमीकंडक्टर और क्वांटम मिशन की शुरुआत से लेकर रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ को प्रोत्साहित करने तक, भारत वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
बुनियादी ढांचे और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में नया दौर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में बुनियादी ढांचे के विकास पर सालाना 114 बिलियन डॉलर का निवेश किया जा रहा है। रेलवे के विस्तारित नेटवर्क के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने बड़े ऑर्डर दिए हैं और 120 नए एयरपोर्ट खोलने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह क्षेत्र अब विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए भी खुला है। पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक बायोटेक पावरहाउस बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि देश में हाइड्रोजन मिशन के तहत 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा गया है।
भारत-फ्रांस के संबंधों को नई मजबूती
पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक को उपयोगी बताया और कहा कि पिछले दो वर्षों में यह उनकी छठी मुलाकात है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस की दोस्ती गहरी है और यह सहयोग व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय समाधान जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की स्थिर और पूर्वानुमानित नीतियों के कारण देश दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही यह तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने फ्रांस के उद्योगपतियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि भारत में संभावनाओं की कोई सीमा नहीं है।
