STF जवान वसीत कुमार रावटे पंचतत्व में विलीन, 3 साल की मासूम बेटी ने दी मुखाग्नि, छलक पड़े सभी के आंसू

बालोद (शिखर दर्शन) // बीजापुर में नक्सलियों से हुई मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए STF जवान वसीत कुमार रावटे का अंतिम संस्कार आज उनके गृहग्राम फागुनदहा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान तीन साल की मासूम बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी, जिससे वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। भावुक कर देने वाले इस पल ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।
इससे पहले शहीद जवान को पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से तांदुला मैदान लाया गया, जहां अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी। जैसे ही उनका शव गांव पहुंचा, पूरा फागुनदहा गमगीन हो गया। वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
देश सेवा का था जुनून, सेना में जाने का था सपना
शहीद वसीत रावटे बालोद जिले के आदिवासी विकासखंड डौंडी के ग्राम फागुनदहा के निवासी थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा घोठिया गांव में पूरी की थी। बचपन से ही सेना में जाने और देश सेवा करने का सपना देखा था। परिवार ने उन्हें दूसरी नौकरी करने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने सेना में भर्ती होने की जिद ठान ली। साल 2016 में STF जॉइन करने के बाद वे लगातार नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात रहे और वीरगति को प्राप्त हुए।
दो बेटियों के पिता थे शहीद वसीत रावटे
शहीद वसीत रावटे की शादी 2019 में हुई थी। वे दो बेटियों के पिता थे, जिनमें से एक डेढ़ साल की और दूसरी तीन साल की है। शहीद की पत्नी, उनके माता-पिता और दोनों बेटियां गांव में ही रहती हैं। जब पुलिस अधिकारियों ने शहीद जवान के पार्थिव शरीर से तिरंगा हटाकर उनकी पत्नी को सौंपा, तो वह खुद को रोक नहीं सकीं और तिरंगे से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ीं।
बड़े भाई बोले – “हमें छोटे भाई पर गर्व है”
शहीद जवान के बड़े भाई उत्तम कुमार रावटे ने गर्व के साथ कहा, “मेरा छोटा भाई हमेशा से देश सेवा करना चाहता था। जब परिवार ने उसे दूसरी नौकरी करने को कहा, तो उसने कहा कि उसे सिर्फ फौज में जाना है। आज वह देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। हमें अपने छोटे भाई पर गर्व है।”
नक्सलियों से हुई भीषण मुठभेड़, 31 ढेर
गौरतलब है कि रविवार को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर 1000 से अधिक सुरक्षाबलों की टीम ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया था। बीजापुर के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में हुई इस मुठभेड़ में 31 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया। सुरक्षाबलों ने सभी 31 नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं। इस अभियान में STF के वसीत रावटे और DRG के एक अन्य जवान शहीद हो गए, जबकि दो जवान घायल हुए, जिन्हें एयरलिफ्ट कर रायपुर भेजा गया। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
शहीद वसीत रावटे की शहादत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और वे देश के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।



