MP की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल! एंबुलेंस न मिलने पर बुजुर्ग ससुर स्ट्रेचर पर बीमार बहू को ले जाने को मजबूर, कब जागेंगे जिम्मेदार ?

जबलपुर (शिखर दर्शन) // स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार भले ही बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। जबलपुर जिला अस्पताल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी। एंबुलेंस न मिलने के कारण एक बुजुर्ग ससुर को अपनी बीमार बहू को स्ट्रेचर पर पैदल घर ले जाना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, व्यवहार बाग इलाके की एक महिला को गंभीर हालत में जबलपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद भी जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, तब भी अस्पताल प्रशासन ने उसे डिस्चार्ज कर दिया। महिला इतनी कमजोर थी कि अपने पैरों पर खड़ी भी नहीं हो पा रही थी।
डिस्चार्ज के बाद बुजुर्ग ससुर एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन काफी देर तक कोई वाहन उपलब्ध नहीं हुआ। आर्थिक तंगी के कारण वह प्राइवेट एंबुलेंस भी नहीं कर सका। मजबूरी में उसने स्ट्रेचर पर ही बहू को लेकर पैदल घर जाने का फैसला किया। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने आगे बढ़कर मदद की। उन्होंने अपने पैसे से एक गाड़ी किराए पर लेकर महिला को घर तक पहुंचाया। इतना ही नहीं, बहू के इलाज के लिए कुछ आर्थिक सहायता भी दी।
यह घटना सरकार के उन दावों को कटघरे में खड़ा करती है, जिसमें वह स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की बात करती है। इस तरह की व्यवस्थागत लापरवाही को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को तत्काल अस्पतालों का औचक निरीक्षण करना चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।
