राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी प्रयागराज दौरा, संगम में लगाएंगी आस्था की डुबकी

प्रयागराज (शिखर दर्शन) // महाकुंभ नगर प्रयागराज में देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला जारी है। इस बीच 10 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संगम नगरी आएंगी और महाकुंभ मेला का भ्रमण करने के साथ त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगी। बताया जा रहा है कि स्नान के बाद राष्ट्रपति अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर के दर्शन करेंगी।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने किया संगम स्नान
आज गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला प्रयागराज पहुंचे हैं। वे संगम में पुण्य स्नान कर कुंभ मेले की आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त करेंगे।
महाकुंभ में अब तक कई बड़ी हस्तियों ने किया स्नान
अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनका मंत्रिमंडल, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मणिपुर के मुख्यमंत्री, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, अभिनेता रवि किशन, कवि कुमार विश्वास समेत 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल और भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक संगम में स्नान कर चुके हैं।
कुंभ मेला: पौराणिक महत्व
कुंभ मेले की उत्पत्ति का वर्णन समुद्र मंथन की पौराणिक कथा से जुड़ा है। कहा जाता है कि जब अमृत कलश के लिए देवताओं और असुरों के बीच 12 दिनों तक घमासान युद्ध हुआ, तब अमृत की कुछ बूंदें प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक में गिरीं। इन्हीं चार पवित्र स्थलों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है।
- प्रयागराज में कुंभ मेला तब लगता है जब गुरु वृषभ राशि और सूर्य मकर राशि में होते हैं।
- नासिक में कुंभ तब आयोजित होता है जब गुरु और सूर्य सिंह राशि में होते हैं।
- उज्जैन में कुंभ तब पड़ता है जब गुरु सिंह राशि और सूर्य मेष राशि में होते हैं।
- हरिद्वार में कुंभ तब होता है जब सूर्य मेष राशि और गुरु कुंभ राशि में होते हैं।
महाकुंभ प्रयागराज में सनातन संस्कृति की दिव्यता को संजोते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रहा है। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यात्रा इस आयोजन को और अधिक ऐतिहासिक बनाएगी।



