नगरीय निकाय चुनाव 2025: चुनाव आयोग की रेट लिस्ट से असमंजस में प्रत्याशी, चाय 12 रुपये तो पोहा 15 रुपये, सोशल मीडिया बना प्रचार का मुख्य जरिया

छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव: प्रचार तेज, चुनावी खर्च की सीमा तय, 11 फरवरी को मतदान
रायपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है। इस बीच, राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की सीमा तय कर दी है। यदि कोई प्रत्याशी निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
खान-पान के लिए भी तय किए गए रेट
चुनाव प्रचार के दौरान खान-पान पर होने वाले खर्च को भी निर्वाचन आयोग ने नियंत्रित किया है। आयोग ने एक कप चाय की कीमत 12 रुपये तय की है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 10 रुपये तक है। इसी तरह, कॉफी की कीमत 15 रुपये, पोहा प्रति प्लेट 15 रुपये, जनरल थाली 120 रुपये और स्पेशल थाली 200 रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा, केसर लस्सी 30 रुपये और शरबत 15 रुपये प्रति गिलास के हिसाब से खर्च में जोड़ा जाएगा। प्रत्याशी इन दरों को लेकर असमंजस में हैं, क्योंकि बाजार दरों और आयोग के तय किए गए रेट में अंतर है।
सोशल मीडिया बना प्रचार का प्रमुख जरिया
इस बार के चुनाव में प्रत्याशी पारंपरिक प्रचार के बजाय सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप और यूट्यूब के माध्यम से प्रचार अभियान को धार दी जा रही है।
मेयर और पार्षदों के लिए चुनावी खर्च सीमा तय
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय चुनाव में मेयर, अध्यक्ष और पार्षदों के लिए अधिकतम खर्च सीमा तय की है:
- नगर निगमों में मेयर प्रत्याशी
- 5 लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगम में – ₹25 लाख
- 3 से 5 लाख की आबादी वाले निगम में – ₹20 लाख
- 3 लाख तक की आबादी वाले निगम में – ₹10 लाख
- नगर पालिका अध्यक्ष
- 50 हजार से अधिक आबादी वाले – ₹10 लाख
- 50 हजार से कम आबादी वाले – ₹8 लाख
- नगर पंचायत अध्यक्ष – ₹6 लाख
- पार्षद प्रत्याशी
- 3 लाख से अधिक आबादी वाले नगर पालिका निगम में – ₹8 लाख
निकाय चुनाव 11 फरवरी को, पंचायत चुनाव तीन चरणों में
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव 11 फरवरी को होंगे और 15 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस बार मतदान ईवीएम के माध्यम से होगा। राज्य के 10 नगर निगम, 49 नगर पालिकाएं और 114 नगर पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे।
वहीं, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 17, 20 और 23 फरवरी को तीन चरणों में होंगे। इनके नतीजे 18, 21 और 24 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। पंचायत चुनाव में 433 जिला पंचायत सदस्य, 2,973 जनपद पंचायत सदस्य, 11,672 ग्राम पंचायत सरपंच और 1,60,180 ग्राम पंचायत पंच चुने जाएंगे। पंचायत चुनाव में मतदान बैलट पेपर से होगा।
चुनावी माहौल गरमाने के साथ ही प्रचार अभियान भी तेज हो गया है। प्रत्याशी अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुट गए हैं, जबकि मतदाता इस बार के चुनाव में उम्मीदवारों के प्रदर्शन और वादों को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।



