अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटे युवकों ने सुनाई अपनी दर्दनाक यात्रा की कहानी,बताया-भूखा सोया, मार खाई, करंट लगाते थे, कइयों ने रास्ते में तोड़ा दम

अमृतसर, कुरुक्षेत्र, पटियाला (शिखर दर्शन) // अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत लौटे युवकों ने अपनी यात्रा के दौरान झेली गई कठिनाइयों और यातनाओं का खुलासा किया है। इन युवकों ने बताया कि वे अमेरिका जाने के दौरान एजेंट के झांसे में आकर खतरनाक और अवैध रास्तों से यात्रा करने को मजबूर हुए।
अमृतसर, कुरुक्षेत्र और पटियाला पहुंचे इन युवकों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि उनका सपना था कि वे यूरोप के रास्ते अमेरिका पहुंचेंगे, लेकिन एजेंट ने उन्हें डोंकी के रास्ते से जंगलों और समुद्र के रास्ते मेक्सिको पहुंचाने का वादा किया। उनके पास खाने-पीने के लिए कुछ भी नहीं था, और कई बार तो उन्हें भूखा सोना पड़ा। कई साथी इस कठिन रास्ते में अपनी जान गंवा बैठे। जिनमें से जो बीमार होते थे, उन्हें जंगलों में छोड़ दिया जाता था, और जो कोई ऊंची आवाज में बात करता था, उसे गोली मार दी जाती थी।
खुशप्रीत सिंह नामक युवक, जो 23 अगस्त 2024 को दिल्ली हवाई अड्डे से यात्रा शुरू कर 22 जनवरी 2025 को अमेरिका पहुंचे थे, ने बताया कि उन्हें अमेरिका पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया और 12 दिनों तक अलग-अलग कैंपों में रखा गया। इस दौरान उन्हें करंट भी लगाया गया। एजेंट ने उन्हें और उनके परिवार से बार-बार पैसे की मांग की।
खुशप्रीत के पिता जसवंत सिंह ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका बेटा ऐसे खतरनाक रास्ते से जाएगा। खुशप्रीत के पिता के आंसू अब भी सूखे नहीं हैं, जब वे बेटे की इस कठिन यात्रा के बारे में बताते हैं।
दलेर सिंह नामक युवक, जो सलेमपुरा गांव, अमृतसर का निवासी है, ने भी बताया कि उसे दुबई से पनामा के रास्ते अमेरिका भेजा गया, जहां उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें धोखा दिया और उन्होंने अपील की कि पंजाब के युवाओं को विदेश जाने के लिए लीगल रास्ता अपनाना चाहिए।
युवकों ने सरकार से अपील की है कि वे विदेश जाने के बजाय यहां रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कदम उठाए, ताकि युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोका जा सके।



