सियासी बवाल: मीनल चौबे का कांग्रेस पर मुस्लिम वोट बैंक के इस्तेमाल का आरोप

रायपुर (शिखर दर्शन) // राजधानी रायपुर में नगरीय निकाय चुनावों के प्रचार के बीच भाजपा प्रत्याशी मीनल चौबे ने कांग्रेस पर एक गंभीर आरोप लगाया है, जिसे लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मीनल चौबे ने कहा कि कांग्रेस मुसलमानों को केवल चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल करती है और चुनाव खत्म होते ही उन्हें फेंक देती है, जैसे दूध से मक्खी को निकाल फेंका जाता है।
मीनल चौबे का यह बयान आज रायपुर में उनके रोड शो के दौरान आया, जब उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा मुसलमानों को चुनावों में अपनी जरूरत के हिसाब से आगे लाती है, और जब काम पूरा हो जाता है तो उन्हें किनारे कर देती है। उनका यह भी कहना था कि कांग्रेस ने अन्य समाज के लोगों को भी इसी तरह से इस्तेमाल किया है, शायद इसीलिए पूर्व महापौर एजाज ढेबर को प्रचार अभियान से बाहर कर दिया गया है।
चौबे का आरोप था कि कांग्रेस अब एजाज ढेबर से डरने लगी है, इसलिए उनके पोस्टर और प्रचार से उनका नाम पूरी तरह हटा दिया गया है। एजाज ढेबर की तस्वीरें दीप्ति दुबे के प्रचार पोस्टरों और पार्षदों के प्रचार सामग्री से गायब हैं, जो कांग्रेस के भीतर अंदरूनी खींचतान का संकेत देता है।
इस बयान पर पूर्व पीसीसी अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने प्रतिक्रिया दी है, जिन्होंने मीनल चौबे के आरोप को बीजेपी की ओर से की गई राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का सिद्धांत ‘सर्व धर्म सम्भाव’ है, जिसमें हर समुदाय के लिए स्थान है और हर धर्म के लोग साथ आते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एजाज ढेबर और उनकी पत्नी चुनावी व्यस्तताओं के कारण अभी प्रचार में शामिल नहीं हो पाए हैं, लेकिन आने वाले समय में वह प्रचार में सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
इस विवाद ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, और दोनों पक्षों के बयान आगामी चुनाव प्रचार में एक नई दिशा तय करने वाले हैं।



