दुर्ग संभाग

साइबर ठगी गिरोह पर छत्तीसगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 राज्यों में ठगी करने वाले 9 आरोपी गिरफ्तार

बालोद (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 राज्यों में ठगी करने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट खोलने और उन्हें बेचने का काम करते थे। पुलिस ने बालोद, रायपुर और गरियाबंद से इन आरोपियों को पकड़ा है और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।

यह संयुक्त कार्रवाई दुर्ग रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग के निर्देशन और एसपी एस.आर. भगत के मार्गदर्शन में बालोद पुलिस और साइबर सेल द्वारा की गई। पुलिस ने आरोपियों से 3.19 लाख रुपये जब्त किए हैं और आगे की जांच जारी है।

म्यूल अकाउंट के जरिए हो रही थी ठगी

बालोद पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल के माध्यम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बालोद शाखा के खाताधारकों की जांच की। इस दौरान पता चला कि इन खातों में अलग-अलग राज्यों से कुल 3,19,145 रुपये साइबर ठगी के जरिए जमा किए गए थे। जांच में पाया गया कि 10 म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल अवैध धन अर्जित करने और ठगी की रकम स्थानांतरित करने में किया जा रहा था। कई खातों में बार-बार ठगी की रकम जमा होने की पुष्टि हुई।

गिरफ्तार किए गए आरोपी

  1. उमेश कुमार निषाद (ग्राम हीरापुर, बालोद)
  2. अभिषेक चौरे (ग्राम तरौद, बालोद)
  3. जितेंद्र कुमार (ग्राम हर्राठेमा, बालोद)
  4. खिलेन्द्र रायपुरिया (जवाहरपारा, बालोद)

खाते उपलब्ध कराने वाले संवर्धक/ब्रोकर

  1. नारायण सोलवंशी उर्फ बबलू (संजय नगर, बालोद)
  2. उत्कर्ष गुप्ता (इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, रायपुर)
  3. करण यादव (नवापारा, राजिम)
  4. हिमांशु ईसरानी (नवापारा, राजिम)
  5. अजमल रजा उर्फ बाबर (रायपुर रोड, राजिम)

कड़े कानून के तहत कार्रवाई

पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2)(ए), 111 बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज किया है। इनसे गहन पूछताछ की गई, और पुलिस अब अन्य म्यूल खाताधारकों की पहचान कर रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

क्या होते हैं म्यूल अकाउंट?

साइबर ठगी में म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल ठगी की रकम को एक बैंक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। इन खातों को ठगी में शामिल लोग या दलाल अवैध रूप से बेचते हैं, जिससे साइबर अपराधियों को ट्रांजेक्शन करने में आसानी होती है।

छत्तीसगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

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