रायपुर केंद्रीय जेल में अफ्रीकी मूल के बंदी ने की आत्महत्या, ड्रग्स तस्करी मामले में 2021 से था बंद

रायपुर (शिखर दर्शन) // रायपुर केंद्रीय जेल में कैद अफ्रीकी मूल के बंदी पेट्रिक यूबीके बायको ने आत्महत्या कर ली। वह 2021 से ड्रग्स तस्करी के मामले में जेल में बंद था। गंज थाना पुलिस ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मृत बंदी का पंचनामा शुरू कर दिया है।
ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क चलाने वाला पेट्रिक
2021 में रायपुर पुलिस ने पेट्रिक को मुंबई के नाला सुपोरा इलाके में छापा मारकर गिरफ्तार किया था। पेट्रिक ने रायपुर में ड्रग्स तस्करी की चेन तैयार की थी और अपने साथी, मुंबई के ट्रांसपोर्टर रायडेन बेथेला की मदद से राजधानी में ड्रग्स की सप्लाई करता था। रायडेन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पेट्रिक का सुराग मिला और उसकी गिरफ्तारी गोपनीय तरीके से की गई।
पुलिस की टीम ने पेट्रिक के ठिकाने पर दोस्त बनकर छापा मारा और उसे सीधे रायपुर लाया। पुलिस को आशंका थी कि उसकी गिरफ्तारी सार्वजनिक होने पर वह अपने गैंग की मदद से कोई समस्या खड़ी कर सकता था।
टैक्सी और ऑटो चालकों का बनाया था नेटवर्क
पेट्रिक ने ड्रग्स की सप्लाई के लिए मुंबई में टैक्सी और ऑटो चालकों का एक गैंग बनाया था। वह इन चालकों को कमीशन देकर ड्रग्स की डिलीवरी करवाता था। मुंबई में उसके संपर्क में 30 से ज्यादा टैक्सी और ऑटो चालक थे। पेट्रिक ग्राहकों से सीधे नहीं मिलता था। रायडेन और पेट्रिक की मुलाकात मुंबई के एक क्लब में हुई थी, जहां से रायडेन ने ड्रग्स खरीदना शुरू किया।
पुलिस और जेल प्रशासन पर उठेंगे सवाल
बंदी की आत्महत्या ने जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला जेल में कैदियों की मानसिक स्थिति और सुरक्षा उपायों की स्थिति को उजागर करता है।
इस घटना ने रायपुर में चर्चा का विषय बना दिया है, और अब पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई पर नजरें टिकी हुई हैं।
