घटिया सड़क निर्माण में हादसा: 16 करोड़ की सड़क बनी मौत की वजह

16 करोड़ की लागत से बने एक सड़क निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ, जिससे सड़क का डामर उखड़ने लगा। मरम्मत के लिए रखे गए गिट्टी के ढेर से टकराकर एक आदिवासी युवक की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मृतक को ही आरोपी बना दिया। मृतक के परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई है, और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।

घटिया सड़क निर्माण ने ली युवक की जान: 16 करोड़ की लागत से बनी सड़क में लापरवाही, परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई
गरियाबंद (शिखर दर्शन) // जिले में एक घटिया सड़क निर्माण ने एक युवक की जान ले ली। सड़क के निर्माण के दौरान उखड़ चुके डामर को ठीक करने के लिए बीच सड़क पर रखी गई कंक्रीट के ढेर से टकराकर 20 वर्षीय आदिवासी युवक जयसिंह सोरी की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने मृतक को ही आरोपी बना दिया है, जबकि परिजनों का आरोप है कि सड़क मरम्मत के लिए रखी गई सामग्री लापरवाही से रखी गई थी। अब वे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

15 अक्टूबर को लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा इस सड़क की घटिया गुणवत्ता को उजागर करने के बाद भी जिम्मेदार अफसरों ने कोई कदम नहीं उठाया। खोखमा से घुमरापदर मार्ग पर पीएमजीएसवाय विभाग द्वारा बनाए गए इस सड़क के गड्ढे भरने के लिए कंक्रीट का ढेर सड़क पर रख दिया गया था। 25 जनवरी को कुहिमाल निवासी जयसिंह सोरी की बाइक इस ढेर से टकरा गई, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मौत हो गई।
मृतक के पिता खेमसिंह सोरी और चाचा भोजराज सोरी ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण उनके घर का इकलौता चिराग खो गया। वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अमलीपदर थाना उपनिरीक्षक प्रकाश जांगड़े ने कहा कि मामले की जांच जारी है और उचित कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, 16 करोड़ की लागत से बनी इस सड़क के निर्माण में कई समस्याएं सामने आईं। 2019 में मंजूरी मिलने के बाद काम का अनुबंध 6 जुलाई 2020 को किया गया था। हालांकि, निर्माण कार्य में देरी और गुणवत्ता में कमी के कारण सड़क की हालत खराब हो गई। 14 अक्टूबर 2023 को घुमरापदर के ग्रामीणों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया था।
भाजपा जिला अध्यक्ष माखन कश्यप ने भी सड़क निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की शिकायत की थी। उनकी मानें तो विभाग की मिलीभगत के कारण सड़क के बिछाए गए डामर ने कुछ ही महीनों में उखड़ना शुरू कर दिया था।

इस मामले में पीएमजीएसवाय विभाग के एसडीओ कमलेश चंद्राकर ने दावा किया कि 16 करोड़ के बजाए काम 12.92 करोड़ में पूरा किया गया है और काम मापदंडों के अनुसार हुआ है। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य जारी है और यह मेंटनेंस अवधि के तहत किया जा रहा है।
मृतक के परिजनों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इस हादसे के जिम्मेदार लोगों को सजा मिले।



