श्री रामलला का दिव्य श्रृंगार: अयोध्या धाम में भक्तों ने किए अलौकिक दर्शन

अयोध्या (शिखर दर्शन) // भगवान श्री रामलला सरकार का आज, 28 जनवरी 2025, माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि विक्रम संवत 2081 को भव्य और अलौकिक श्रृंगार किया गया। अयोध्या धाम के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में ब्रह्मांड नायक भगवान श्री रामलला के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भक्त अभिभूत हो रहे हैं।
प्रतिदिन की भांति, आज भी प्रभु श्री रामलला का श्रृंगार बेहद विशेष रहा। उन्हें फूलों की माला, जो विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई जाती है, से सजाया गया। रामलला की पहली आरती सुबह 6:30 बजे की गई, जो उनके जागरण से शुरू होकर स्नान, लेप, और वस्त्र धारण तक की प्रक्रिया का हिस्सा है। उनकी पूजा-अर्चना हर दिन और मौसम के अनुसार की जाती है।
गर्मी के दिनों में सूती और हल्के वस्त्र धारण करने वाले रामलला को ठंड में स्वेटर और ऊनी वस्त्र पहनाए जाते हैं। दोपहर 12 बजे भोग आरती और सायं 7:30 बजे संध्या आरती होती है। इसके बाद रात 8:30 बजे शयन के लिए उन्हें विश्राम दिया जाता है। भक्तों को रामलला के दर्शन संध्या 7:30 बजे तक ही उपलब्ध होते हैं।
रामलला को दिन में चार बार भोग लगाया जाता है, जिसमें हर समय और दिन के हिसाब से विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं। ये सभी व्यंजन राम मंदिर की रसोई में तैयार किए जाते हैं। सुबह की शुरुआत बाल भोग से होती है, जो विशेष रूप से तैयार प्रसाद है।
आज के इस पावन अवसर पर भगवान श्री रामलला सरकार का अलौकिक श्रृंगार देखने के लिए अयोध्या धाम में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान की दिव्यता और उनके अद्भुत स्वरूप ने श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और अपार आनंद का अनुभव कराया। अयोध्या धाम भगवान श्री राम के भक्तों के लिए हमेशा की तरह आज भी अद्वितीय आस्था का केंद्र बना रहा।
