स्वास्थ्य

पेपर कप में चाय-कॉफी पीना पड़ सकता है भारी ! हर घूंट के साथ शरीर में पहुंच रहे 20,000 से 25,000 माइक्रोप्लास्टिक कण , बढ़ सकता है कैंसर का खतरा

पेपर कप में चाय-कॉफी पीना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक ! माइक्रोप्लास्टिक कणों से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा

नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // चाय-कॉफी भारतीयों के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। सुबह की शुरुआत हो, बारिश का मौसम हो, या दोस्तों के साथ गपशप का दौर, चाय-कॉफी हर क्षण को खास बना देती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस पेपर कप में आप चाय-कॉफी पी रहे हैं, वह आपके स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक हो सकता है ?

हाल की रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय के अनुसार, पेपर कप में चाय-कॉफी या किसी भी गर्म पेय का सेवन स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। इन कपों में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक कण आपके शरीर में प्रवेश कर कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

कैसे खतरनाक हैं पेपर कप ?

पेपर कप की अंदरूनी सतह को वॉटरप्रूफ बनाने के लिए एक पतली प्लास्टिक की परत लगाई जाती है। जब गर्म पेय पदार्थ इसमें डाला जाता है, तो यह प्लास्टिक परत गर्मी के संपर्क में आकर टूटने लगती है। इसके कारण कप में मौजूद तरल में माइक्रोप्लास्टिक कण घुल जाते हैं। ये कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि इन्हें नग्न आंखों से देख पाना संभव नहीं है।

एक स्टडी के अनुसार:

  • एक पेपर कप में 20,000 से 25,000 माइक्रोप्लास्टिक कण पाए जाते हैं।
  • ये कण शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकते हैं।
  • लंबे समय तक इनका सेवन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।

माइक्रोप्लास्टिक से स्वास्थ्य पर प्रभाव

  1. कैंसर का खतरा: ये कण धीरे-धीरे शरीर में जमा होकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  2. हार्मोनल असंतुलन: माइक्रोप्लास्टिक शरीर में हार्मोन के संतुलन को प्रभावित कर सकता है, जिससे थायरॉयड, मधुमेह और प्रजनन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  3. पाचन तंत्र पर प्रभाव: माइक्रोप्लास्टिक का सेवन पाचन तंत्र की कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है।

क्या है बचाव का उपाय?

  1. मिट्टी या स्टील के बर्तनों का उपयोग करें: चाय-कॉफी पीने के लिए पारंपरिक मिट्टी के कुल्हड़ या स्टेनलेस स्टील के कप का उपयोग करें।
  2. थर्मस का उपयोग करें: घर से बाहर जाते समय अपने साथ थर्मस कैरी करें , जो सुरक्षित और टिकाऊ विकल्प है।
  3. सचेत रहें: पेपर कप में गर्म पेय पदार्थ लेने से बचें , खासकर लंबे समय तक।

विशेषज्ञों की राय

एम्स दिल्ली के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आर.के. शर्मा कहते हैं, ” पेपर कप का बार-बार उपयोग स्वास्थ्य के लिए धीमे जहर के समान है। इसमें मौजूद माइक्रोप्लास्टिक धीरे-धीरे शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाता है। “

निष्कर्ष:
अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और प्लास्टिक या पेपर कप के की जगह अन्य विकल्पों को अपनाएं । यह न केवल आपके स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा , बल्कि पर्यावरण को भी संरक्षित करेगा।

नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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