पं. धीरेंद्र शास्त्री ने छत्तीसगढ़ में शराबबंदी की मांग की, मुख्यमंत्री से चर्चा का किया वादा

रायपुर (शिखर दर्शन) // मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव की सराहना करते हुए बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने छत्तीसगढ़ में भी शराबबंदी लागू करने की जरूरत पर जोर दिया है। रायपुर में एक निजी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बहुत सरल और सज्जन व्यक्ति हैं। मैं राजिम कुंभ के दौरान उनसे शराबबंदी को लेकर बातचीत करूंगा।”
धीरेंद्र शास्त्री ने यह बयान देकर छत्तीसगढ़ में शराबबंदी के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। इससे पहले पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार को इस मुद्दे पर काफी दबाव का सामना करना पड़ा था। भाजपा नेताओं ने बार-बार घोषणा पत्र में शराबबंदी का वादा करने के बावजूद इसे लागू नहीं करने पर कांग्रेस सरकार की आलोचना की थी।
मध्यप्रदेश में शराबबंदी का फैसला धार्मिक स्थलों और नगर परिषद क्षेत्रों में लिया गया है। उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मैहर और अमरकंटक जैसे प्रमुख धार्मिक स्थानों पर शराब की सभी दुकानें बंद कर दी गई हैं। नर्मदा नदी के किनारे 5 किलोमीटर के दायरे में भी शराबबंदी को सख्ती से लागू किया गया है।
छत्तीसगढ़ में अगर पं. धीरेंद्र शास्त्री जैसे धार्मिक संत शराबबंदी की मांग करते हैं, तो यह सरकार के लिए एक बड़ा सवाल बन सकता है। राजिम कुंभ के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और धीरेंद्र शास्त्री की संभावित बातचीत से इस मुद्दे पर नए आयाम खुल सकते हैं।
शराबबंदी को लेकर मध्यप्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी धार्मिक और सामाजिक दबाव बनने की संभावना है। अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।
