24 जनवरी महाकाल आरती: बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, भस्म आरती में श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ

विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) // माघ माह, कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर शुक्रवार सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल की भस्म आरती भव्य रूप से आयोजित की गई। प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद बाबा महाकाल का जल और पंचामृत से विधिवत अभिषेक किया गया। अभिषेक में दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत का उपयोग किया गया।
इसके बाद भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। बाबा के मस्तक पर शेषनाग का रजत मुकुट अर्पित किया गया और रजत की मुण्डमाल व रुद्राक्ष की माला पहनाई गई। महाकाल को सुगंधित पुष्पों और ड्राई फ्रूट से सजाया गया। भस्म चढ़ाकर बाबा को विशेष रूप से अलंकृत किया गया। श्रृंगार के पश्चात भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।
सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल
अल सुबह आयोजित भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की। पूरा मंदिर “जय जय श्री महाकाल” और “हर हर महादेव” के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था।
माघ माह की विशेषता
माघ मास को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान भगवान महाकाल के दर्शन और भस्म आरती में शामिल होना अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा महाकाल की कृपा से उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
महाकाल मंदिर का माहौल
भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर का वातावरण अत्यंत भक्तिमय और दिव्यता से परिपूर्ण था। श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा से भरे भावों के साथ भगवान महाकाल की आरती में भाग लिया और पुण्य लाभ अर्जित किया।



