महाकाल की नगरी में 2028 सिंहस्थ की भव्य तैयारियां: 3360 हेक्टेयर में होगा आयोजन, शिप्रा के निर्मल जल में 15 करोड़ श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी

विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) // बाबा महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं। प्रारंभिक योजनाओं के तहत सिंहस्थ मेला क्षेत्र 3360 हेक्टेयर में फैलेगा और इसमें 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। इस ऐतिहासिक आयोजन के तहत उज्जैन को वैश्विक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की योजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं को मिलेगा क्षिप्रा के निर्मल जल में स्नान का सौभाग्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ की तैयारियों का विस्तृत खाका तैयार किया है। श्रद्धालुओं को क्षिप्रा नदी के शुद्ध और निर्मल जल में स्नान कराना प्राथमिकता में शामिल है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी, कान्ह क्लोज डक्ट और हरियाखेड़ी परियोजनाएं आरंभ की गई हैं। साथ ही, क्षिप्रा नदी में स्वच्छ जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए 18 बैराज और स्टॉप डेम बनाए जा रहे हैं।
सिंहस्थ में लागू होंगे प्रयागराज महाकुंभ के अनुभव
प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ की तैयारियों के लिए 5955 करोड़ रुपये की लागत वाली 19 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसके अलावा, महाकुंभ की तैयारियों का अध्ययन करने के लिए एक विशेष दल प्रयागराज भेजा गया है। वहां से मिले सुझाव सिंहस्थ आयोजन में शामिल किए जाएंगे, जिससे यह आयोजन और भी भव्य और सुव्यवस्थित बनेगा।
सिंहस्थ की इन तैयारियों से न केवल उज्जैन को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक और अविस्मरणीय अनुभव भी साबित होगा।



