महाकुंभ 2025: सुरक्षा व्यवस्था में और इज़ाफा, 1542 मुख्य आरक्षियों की तैनाती, 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना

महाकुंभ 2025 का भव्य आयोजन प्रयागराज में शुरू हो चुका है, और इस अवसर पर देश-दुनिया के लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। महाकुंभ की सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत किया गया है, ताकि इस विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान कोई भी असुविधा न हो।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, 1542 मुख्य आरक्षियों को तैनात किया गया है। यह फैसला वीवीआईपी मूवमेंट और अमृत स्नान के मद्देनजर लिया गया है, क्योंकि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित कई प्रमुख हस्तियां महाकुंभ में शामिल होंगी। इन आरक्षियों की तैनाती 22 जनवरी से 5 फरवरी तक रहेगी और वे महाकुंभ क्षेत्र में अपनी ड्यूटी निभाएंगे, जैसा कि डीजीपी मुख्यालय द्वारा आदेश दिया गया है।
मौनी अमावस्या और दूसरे शाही स्नान की तैयारियां
महाकुंभ के दूसरे शाही स्नान की तैयारियां जोरों पर हैं, खासकर मौनी अमावस्या के दिन, जब अनुमानित 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। प्रशासन सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर है। मेला प्रशासन के साथ-साथ रेलवे भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन करेगा, जबकि कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
रेलवे प्रशासन ने मौनी अमावस्या के दिन 18 और बसंत पंचमी के दिन 11 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, ताकि अन्य यात्री सुगमता से यात्रा कर सकें।
सीएम योगी का जल्द ही दौरा
सीएम योगी आदित्यनाथ जल्द ही तैयारियों का जायजा लेने के लिए महाकुंभ क्षेत्र का दौरा करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगर किसी भी प्रकार की खामी सामने आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाए।
अब तक महाकुंभ में 9 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं, और इस संख्या में और बढ़ोतरी की संभावना है। महाकुंभ की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो और आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सके।



