शादी समारोह में घुसा अपहरणकर्ता: 6 साल की बच्ची का किया अपहरण, पुलिस सायरन सुन रेलवे ट्रैक पर छोड़ भागा, 18 घंटे में गिरफ्तार

सतना (शिखर दर्शन) // मध्य प्रदेश के सतना जिले में पुलिस ने एक बड़ी अनहोनी को टालते हुए 6 साल की बच्ची को सुरक्षित बचा लिया। शादी समारोह में घुसे एक बदमाश ने बच्ची का अपहरण कर रेलवे ट्रैक की ओर ले जाने की कोशिश की। पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। घटना के 18 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर परिजनों को राहत दी।
CCTV फुटेज से खुला राज
रविवार-सोमवार की दरमियानी रात सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के भरहुत नगर स्थित मैरिज गार्डन में शादी समारोह चल रहा था। इस दौरान एक बदमाश भीड़ में घुसकर बच्ची को अपने साथ ले गया। जब बच्ची काफी देर तक नजर नहीं आई, तो परिजन परेशान हो गए। खोजबीन के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चला, तो मैरिज गार्डन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज देखकर परिजनों के होश उड़ गए, जिसमें एक युवक बच्ची को ले जाते हुए नजर आया। इसके बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सायरन सुनकर बच्ची को छोड़ा
पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए शहर के तीनों थानों में सर्च ऑपरेशन चलाया। गश्ती वाहन के सायरन से डरकर आरोपी ने बच्ची को बगहा इलाके के पास रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया और फरार हो गया। ट्रैक पर बच्ची को अकेला देखकर वहां से गुजर रहे एक युवक ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सुबह आठ बजे बच्ची को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी: 50 से अधिक CCTV कैमरों की जांच
पुलिस ने पैलेस, फोटोग्राफर्स और शादी समारोह में मौजूद लोगों के मोबाइल की रिकॉर्डिंग की जांच की। 50 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आरोपी की पहचान हुई। उसने चेहरा गमछे से ढक रखा था, लेकिन एक जगह उसका चेहरा साफ नजर आ गया। आरोपी अतुल त्रिपाठी को उसके गांव भट्ठा मझगवां से गिरफ्तार किया गया।
पुराना अपराधी है आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी अतुल त्रिपाठी 2015 में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार होकर 7 साल जेल में रह चुका है। पूछताछ में उसने बताया कि बच्ची को रेलवे ट्रैक तक पैदल ले गया था। सायरन की आवाज सुनते ही उसे लगा कि पुलिस पास में है, इसलिए वह डरकर भाग गया।
पुलिस की तत्परता से बची बच्ची
एसपी आशुतोष गुप्ता ने घटना की गंभीरता को देखते हुए टीआई रावेंद्र द्विवेदी को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आठ टीमों ने मिलकर आरोपी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। इस सफलता से पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली।



