Chhattisgarh Naxal Encounter: रायपुर संभाग में अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 14 नक्सलियों के शव बरामद, भारी मात्रा में हथियार और सामग्री जब्त

रायपुर (शिखर दर्शन) // रायपुर संभाग में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में 14 माओवादियों के शव बरामद किए गए। जवानों की टीम ने शवों को जिला मुख्यालय पहुंचाया। ऑपरेशन के दौरान ऑटोमेटिक हथियारों समेत बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री जब्त की गई है।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के कुल्हाड़ी घाट स्थित भालू डिग्गी जंगल में सोमवार को हुई मुठभेड़ सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता लेकर आई। इस ऐतिहासिक ऑपरेशन में 14 नक्सलियों को मार गिराया गया। जवानों की टीम मारे गए नक्सलियों के शव लेकर जिला मुख्यालय पहुंच चुकी है। मारे गए नक्सलियों में एक करोड़ के इनामी और केंद्रीय कमेटी के सदस्य जयराम उर्फ चलपती, सेंट्रल कमेटी का सदस्य मनोज, और स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य गुड्डू शामिल हैं।
बड़े नक्सली नेताओं का खात्मा
जयराम उर्फ चलपती, जो केंद्रीय कमेटी का प्रभावशाली सदस्य था, को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इसके अलावा, ओडिशा के राज्य प्रमुख और सेंट्रल कमेटी के सदस्य मनोज, जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम था, और 25 लाख के इनामी गुड्डू की भी मौत हुई है।

ऑपरेशन की मॉनिटरिंग में वरिष्ठ अधिकारी
इस ऑपरेशन की निगरानी रायपुर के आईजी अमरेश कुमार मिश्रा, गरियाबंद के एसपी निखिल राखेचा, ओडिशा के नुआपाड़ा एसपी राघवेंद्र गूंडाला, ओडिशा डीआईजी नक्सल ऑपरेशन अखिलेश्वर सिंह, और कोबरा बटालियन के कमांडेंट डीएस कथैत ने की। अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ में नक्सलियों के पास से एसएलआर राइफल, ऑटोमेटिक हथियार और भारी मात्रा में नक्सली सामग्री जब्त की गई है।
जवानों की बहादुरी, घायल जवानों की स्थिति सामान्य
मुठभेड़ के दौरान कोबरा बटालियन का एक जवान और एसओजी नुआपाड़ा का आरक्षक घायल हुए। दोनों घायल जवानों को रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है।
पहला इतना बड़ा ऑपरेशन

गरियाबंद में यह अब तक का सबसे बड़ा नक्सल विरोधी ऑपरेशन है। मुठभेड़ में मारी गई नक्सलियों में महिलाएं भी शामिल हैं। अन्य नक्सलियों की पहचान की जा रही है। आईजी अमरेश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह ऑपरेशन नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता है, जिससे नक्सलियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

इस अभूतपूर्व अभियान से सुरक्षाबलों ने न केवल नक्सली ताकत को कमजोर किया है, बल्कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।




