बंबई हाईकोर्ट ने पत्नी को ‘नग्न’ करके सड़क पर घंटों खड़ा करने वाले पति को दी जमानत, महिला ने कुएं में कूदकर की थी आत्महत्या

पुणे (शिखर दर्शन) // बंबई हाईकोर्ट ने पत्नी को ‘नग्न’ कर के सड़क पर घंटों खड़ा करने के आरोपी पति संतोष सुदाकर शिलिमकर को जमानत दे दी है। यह घटना पुणे जिले के शिलिमकर के घर में घटी थी, जहां उसने अपनी पत्नी को शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाते हुए एक रात घर के बाहर निर्वस्त्र खड़ा कर दिया था। इस घटना के बाद महिला ने दुख और तंग आकर 2012 में कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। महिला के आत्महत्या करने के बाद आरोपी पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और क्रूरता के आरोप में केस दर्ज किया गया था।
संतोष सुदाकर शिलिमकर (32 वर्ष), जो कि एक किसान और रेत ठेकेदार के रूप में काम करता था, भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और 498A (क्रूरता) के तहत दोषी पाया गया था। पुणे के सत्र न्यायालय ने अगस्त 2024 में शिलिमकर को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, शिलिमकर के वकील सत्यव्रत जोशी ने अदालत में यह तर्क दिया कि यह मामला परिस्थितिजन्य सबूतों पर आधारित है, और प्रत्यक्ष सबूत या आत्महत्या नोट नहीं मिला है।
बंबई हाईकोर्ट की जस्टिस आरएन लढ़ा की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए जमानत प्रदान की और अपील में देरी होने के कारण आरोपी की सजा को निलंबित कर दिया। अदालत ने ₹25,000 के निजी मुचलके पर जमानत मंजूर की।
महिला के परिवार ने इस घटना के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी, और उसके बाद शिलिमकर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया। यह मामला शारीरिक, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के गंभीर पहलुओं को उजागर करता है।



