विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया AI तकनीक के उपयोग का खुलासा, निकाय चुनाव और बस्तर में उद्योगपतियों पर कसा तंज

रायपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह दिल्ली और पटना के दो दिवसीय दौरे से लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने राज्य में विधानसभा के कार्यों को डिजिटल बनाने के लिए AI तकनीक के उपयोग की तैयारी की जानकारी साझा की। साथ ही, कांग्रेस द्वारा निकाय चुनाव परिणाम की तारीखों पर उठाए गए विरोध और बस्तर में उद्योगपतियों को भेजने के बयान पर भी कड़ी टिप्पणी की।
विधानसभा में AI तकनीक का उपयोग
डॉ. रमन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि सभी विधायक, मंत्री और सरकार से जुड़ा हर व्यक्ति पूरी जानकारी से लैस हो। इसके लिए AI को और मजबूत किया जाएगा।” उन्होंने आगे बताया कि AI तकनीक से विधानसभा की सभी जानकारी विधायकों और मंत्रियों के लैपटॉप और मोबाइल पर आसानी से उपलब्ध होगी। इससे विधानसभा के 25 वर्षों का डेटा, भाषणों की जानकारी, बजट और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी तुरंत मिल सकेगी। यह कदम विधानसभा के कामकाज को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाएगा।
कांग्रेस पर तंज
निकाय चुनाव के परिणाम की तारीखों पर कांग्रेस की असहमति पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा, “कांग्रेस को चुनावों से अब फोबिया हो गया है। हार के डर से वे चुनाव की तारीखों पर सवाल उठा रहे हैं। यह व्यवस्था पहले ठीक थी, लेकिन अब इसे सुधारने की प्रक्रिया में हम आगे बढ़ रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि इससे लोगों के समय और संसाधन बचाए जा रहे हैं, जो देश के लिए जरूरी हैं।
बस्तर में उद्योगपतियों को लेकर सवाल
कांग्रेस के बस्तर में उद्योगपतियों को भेजने के बयान पर डॉ. रमन सिंह ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस बताएं कि कौन से उद्योगपति बस्तर में आए हैं? बस्तर को केवल पत्थर बेचने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। वहां मिनरल्स और आयरन हैं, इसलिए उद्योगों के प्लांट वहां लगाए जाने चाहिए। इस कदम से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और राज्य में वैल्यू एडिशन होगा।”
नक्सल ऑपरेशन में सफलता
गरियाबंद में नक्सल ऑपरेशन में मिली सफलता पर डॉ. रमन सिंह ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि इस सफलता के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की मेहनत है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे राष्ट्रीय और इंटरस्टेट अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा किया जाएगा और 2026 तक नक्सल समस्या का समाधान हो जाएगा।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को निमंत्रण
डॉ. रमन सिंह ने दिल्ली दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि इन मुलाकातों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया। वहीं, राष्ट्रपति मुर्मु को विधानसभा में प्रबोधन के लिए आमंत्रित किया गया।
यह बातचीत विधानसभा के डिजिटल रूपांतरण और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष की दृष्टि को स्पष्ट करती है।



