महाकुंभ 2025: भीषण ठंड में विदेशी श्रद्धालुओं की आस्था, बोले- ‘मेरा भारत महान’, एप्पल प्रमुख की पत्नी ने भी लगाई पवित्र डुबकी

भीषण ठंड में श्रद्धालुओं का उत्साह, विदेशी भक्त बोले- ‘मेरा भारत महान’, स्टीव जॉब्स की पत्नी भी पहुंची आस्था की डुबकी लगाने

यागराज (शिखर दर्शन) // उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आगाज हो गया है, और श्रद्धालुओं का विशाल जमावड़ा संगम के तट पर दिखने लगा है। पौष पूर्णिमा के दिन शुरू हुए इस 45 दिवसीय महाकुंभ के पहले स्नान पर्व में लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। शनिवार को 33 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि रविवार को यह आंकड़ा बढ़कर 50 लाख तक पहुंच गया।
महाकुंभ का यह वर्ष खास है, क्योंकि यह एक दुर्लभ खगोलीय संयोग के तहत आयोजित किया जा रहा है, जो 144 वर्षों में एक बार आता है। त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालु अपनी आस्था को प्रकट करते हुए ठंडे पानी में भी डुबकी लगा रहे हैं।
इस साल महाकुंभ में देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल हुए हैं। रूस से आई एक श्रद्धालु ने कहा, “मेरा भारत महान, I LOVE YOU INDIA,” और उन्होंने भारत की आध्यात्मिक महिमा की सराहना की। ब्राजील के श्रद्धालु फ्रांसीसी ने भी भारत को आध्यात्मिक हृदय बताया, और बताया कि यहाँ की ठंडी जलधारा के बावजूद उनका दिल गर्मजोशी से भरा हुआ है। इसी तरह, स्पेन और जर्मनी से आए श्रद्धालुओं ने भी अपनी यात्रा का अनुभव साझा किया।
प्रसिद्ध अमेरिकी कंपनी एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स भी महाकुंभ में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंची हैं। वह 10 दिनों तक कल्पवास करेंगी और संगम में पवित्र डुबकी लगाकर भारतीय संस्कृति में अपना गहरा विश्वास व्यक्त करेंगी। लॉरेन ने निरंजनी अखाड़े में पूजा अर्चना भी की और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 12 किलोमीटर लंबा स्नान घाट बनाए गए हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जल पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है, और घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग जैसे सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।
इस साल महाकुंभ में विशेष व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को आस्था का अनुभव और अधिक सुविधाजनक तरीके से मिल सकेगा।
महाकुंभ के शाही स्नान की तारीखें
महाकुंभ 2025 के शाही स्नान की शुरुआत 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर होगी। शाही स्नान का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:27 बजे से 6:21 बजे तक रहेगा, जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 2:15 बजे से 2:57 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 5:42 बजे से 6:09 बजे तक रहेगा।
महाकुंभ के इस पर्व पर श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और आस्था से संगम में स्नान कर रहे हैं, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के महत्त्व को प्रदर्शित करता है।



