महाकुंभ 2025: संगम नगरी में आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी, जानें शाही स्नान की तिथियां और सुरक्षा तैयारियां

पौष पूर्णिमा स्नान से भव्य शुरुआत, संगम में श्रद्धालुओं की आस्था की डुबकी, 14 जनवरी को होगा पहला शाही स्नान
प्रयागराज (शिखर दर्शन) // महाकुंभ 2025 का शुभारंभ 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान के साथ हुआ। त्रिवेणी संगम पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ के लिए पवित्र डुबकी लगाई। पहले दिन करीब 50 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया, जबकि शनिवार को यह संख्या 33 लाख तक पहुंची थी।
दुर्लभ खगोलीय संयोग बना खास
महाकुंभ 2025 की शुरुआत 144 वर्षों बाद बनने वाले दुर्लभ खगोलीय संयोग के साथ हुई है, जो इसे और विशेष बनाता है। इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का संगम नगरी में जमावड़ा लगा हुआ है। पौष पूर्णिमा के अवसर पर सुबह 5:03 बजे से संगम तट पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
पहला शाही स्नान 14 जनवरी को
महाकुंभ का पहला शाही स्नान मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी 2025 को आयोजित होगा। शाही स्नान का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:27 बजे से 6:21 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त विजय मुहूर्त और गोधूलि मुहूर्त के दौरान भी श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे।
विशेष व्यवस्थाएं और सुरक्षा इंतजाम
महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 12 किलोमीटर लंबे स्नान घाट तैयार किए गए हैं। सुरक्षा के लिए जल पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों को तैनात किया गया है। घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग और अन्य उपाय किए गए हैं ताकि श्रद्धालु सुरक्षित स्नान का अनुभव ले सकें।
महाकुंभ 2025 का यह आयोजन न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमें आस्था और संस्कारों की दिव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की सहभागिता इस ऐतिहासिक आयोजन को और भव्य बना रही है।



