इंदौर में बीजेपी पार्षदों के विवाद पर हंगामा: सिंधी समाज ने बड़ी संख्या में पार्टी कार्यालय पहुंचकर जताया विरोध, जीतू यादव को पार्टी से निष्कासन की मांग, दोनों पार्षदों को नोटिस जारी

इंदौर (शिखर दर्शन) // इंदौर में बीजेपी के दो पार्षदों के बीच चल रहे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामला पार्षद कमलेश कालरा और एमआईसी सदस्य जीतू यादव के बीच का है, जिसने अब राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है। सिंधी समाज के लोग बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यालय पहुंचे और एमआईसी सदस्य जीतू यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पार्टी ने कदम नहीं उठाया तो सिंधी समाज सामूहिक रूप से बीजेपी की सदस्यता छोड़ देगा।
पार्षद कमलेश ने आत्महत्या की दी चेतावनी
पार्षद कमलेश कालरा ने परिवार सहित आत्महत्या करने की चेतावनी दी है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर शिकायत दर्ज करवाई और संगठन से न्याय की गुहार लगाई। कालरा अपनी मां, पत्नी, और बच्चों के साथ बीजेपी कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।
वीडियो और ऑडियो वायरल, विवाद ने पकड़ा जोर
विवाद तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित रूप से जीतू यादव के समर्थक पार्षद कमलेश के घर में घुसकर गाली-गलौज और धमकी देते नजर आए। वीडियो में कमलेश के बेटे को कपड़े उतारकर धमकाने की बात भी सामने आई है।
इसके साथ ही एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई है, जिसमें जीतू यादव और कमलेश कालरा के बीच तीखी बहस सुनाई देती है। ऑडियो में जीतू यादव कहते हैं, “तू हमसे उलझा क्यों, अब तुझे जीवन भर झेलना पड़ेगा।”
प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत
दोनों पार्षदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक शिकायत पहुंचाई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
दोनों पार्षदों को कारण बताओ नोटिस
बीजेपी शहर अध्यक्ष गौरव रणदीवे ने दोनों पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि संगठन ने मामले का संज्ञान लिया है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
दो विधानसभाओं में बढ़ा तनाव
यह मामला विधानसभा क्रमांक 2 और 4 के बीच तनाव का कारण बन गया है। विधानसभा 4 के विधायक मालिनी गौड़ के समर्थक पार्षद कमलेश कालरा हैं, जबकि विधानसभा 2 के विधायक रमेश मेंदोला के करीबी जीतू यादव हैं।
सूत्रों का कहना है कि जीतू यादव का कामकाज गोवा और अन्य राज्यों तक फैला हुआ है और उनके कार्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र क्रमांक 2 की छवि को सुधारने के प्रयासों के बाद यह विवाद फिर से उसकी साख पर बुरा असर डाल रहा है।
संगठन के फैसले का इंतजार
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और ऑडियो के बीच, अब यह देखना होगा कि बीजेपी संगठन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। पार्टी ने इस विवाद को सुलझाने का आश्वासन दिया है, लेकिन दोनों पार्षदों के बीच का यह विवाद पार्टी की छवि पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।



