हॉस्टल में 11वीं की छात्रा ने बच्ची को जन्म दिया, जिला कलेक्टर ने अधीक्षिका को किया सस्पेंड

कोरबा (शिखर दर्शन) // जिले के पोड़ी उपरोड़ा स्थित कन्या छात्रावास में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने बीती रात हॉस्टल में बच्ची को जन्म दिया। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जिला कलेक्टर ने तत्परता दिखाते हुए छात्रावास अधीक्षिका जय कुमारी रात्रे को शासकीय कार्य में लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
घटना ने मचाई सनसनी
यह मामला पोड़ी उपरोड़ा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का है। बच्ची के जन्म की जानकारी मिलने पर अधीक्षिका ने उच्च अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। हैरानी की बात यह है कि छात्रा ने नवजात को अपना बच्चा मानने से इनकार कर दिया है।
अधीक्षिका का निलंबन और जांच का आदेश
जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधीक्षिका जय कुमारी रात्रे को निलंबित कर उनका मुख्यालय कटघोरा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में निर्धारित किया है। जारी आदेश में लापरवाही को निलंबन का कारण बताया गया है।
बच्चे को बाथरूम की खिड़की से फेंका गया
अधीक्षिका ने बताया कि नवजात के रोने की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचीं। जांच में खुलासा हुआ कि बच्ची को जन्म देने के बाद छात्रा ने उसे बाथरूम की खिड़की से नीचे फेंक दिया था। इसके बाद हॉस्टल की बाकी छात्राओं से पूछताछ की गई। एक छात्रा की तबीयत खराब होने पर उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रसव होने की पुष्टि की।
छात्रा और परिजनों ने किया इनकार
छात्रा और उसके माता-पिता ने इस बच्ची को अपनी संतान मानने से इनकार कर दिया। छात्रा की मां ने बताया कि उन्हें बेटी की गर्भावस्था के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
नवजात की हालत गंभीर
नवजात बच्ची को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची के शरीर पर चोट के निशान हैं और उसकी हालत गंभीर है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि बच्ची का समय से पहले जन्म हुआ है। फिलहाल, डॉक्टरों की टीम उसकी देखभाल में जुटी है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की जानकारी पुलिस को भी दे दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और छात्रा से जुड़े सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है।
यह घटना कई सवाल खड़े करती है। हॉस्टल में छात्राओं की सुरक्षा और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



