तस्करी का नया तरीका: सजी-धजी पिकअप वाहन में लोडेड ड्रम देखकर पुलिस को हुआ संदेह, जांच में बरामद हुआ गांजा, आरोपी गिरफ्तार

गरियाबंद (शिखर दर्शन) // पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए गांजा तस्कर अब नए-नए तरीके अपनाने लगे हैं। हाल ही में गरियाबंद पुलिस ने एक सजी-धजी पिकअप वाहन से 83 किलो गांजा बरामद किया, जिससे यह मामला तस्करी के नए पैटर्न को उजागर करता है। आरोपी जगदीश भाटिया ओडिशा से गांजा लेकर रायपुर की ओर जा रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर नारकोटिक एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गांजा तस्कर ने अपनी तस्करी के तरीके को बदलते हुए अब सजी-धजी पिकअप वाहन का इस्तेमाल करना शुरू किया था। ओडिशा से गांजा लेकर रायपुर की ओर बढ़ने वाली इस पिकअप ने देवभोग, इन्दागांव, जुगाड़, मैनपुर, नवागढ़ थाना होते हुए गरियाबंद पहुंची। आरोपी अपने वाहन में गांजा भरकर उसे तस्करी का रास्ता दे रहा था।

गरियाबंद पुलिस को जब इस पिकअप वाहन के प्लास्टिक ड्रम में कुछ संदिग्ध लोड दिखाई दिया, तो उन्होंने तुरंत गाड़ी की चेकिंग की। जांच में तीन प्लास्टिक ड्रमों से 83 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाजार में कीमत करीब 8 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, और उसके खिलाफ नारकोटिक एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

बता दें कि ओडिशा के जयपुर और कोरापुट के पहाड़ी इलाकों में गांजा की खेती होती है। यहां से 300 किलो गांजा आसानी से कालाहांडी जिले के बिचौलियों को डीलिवर किया जाता है, जो इसे 100 से 200 रुपये प्रति किलो के मार्जिन पर बाहरी तस्करों को बेचते हैं। यह नया तरीका तस्करों द्वारा पुलिस से बचने के लिए अपनाया जा रहा है।

पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई तस्करी के खिलाफ एक बड़ी जीत साबित हो रही है, और पुलिस अधिकारियों ने ऐसे और मामलों में त्वरित कार्रवाई की दिशा में और कदम बढ़ाने की बात की है।



