7 जनवरी महाकाल आरती: बाबा महाकालेश्वर के मस्तक पर त्रिशूल अर्पण और दिव्य श्रृंगार के साथ भव्य आरती, यहां करें दर्शन

विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार, 7 जनवरी को पौष माह की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि पर अलसुबह भव्य आरती और पूजन हुआ। मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे भक्तों के दर्शनार्थ खोले गए। आरंभ में भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया, जिसके बाद पंचामृत—दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से उनका अभिषेक किया गया।
भस्म आरती के पूर्व भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। उनके मस्तक पर त्रिशूल अर्पित करने के बाद भांग, चंदन और आभूषणों से उनका मनमोहक श्रृंगार किया गया। भगवान ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला, और सुगंधित पुष्पों से बनी माला धारण की। भक्तों ने बाबा को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया।
भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्त नंदी महाराज के कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते दिखे। पूरा मंदिर परिसर “जय जय श्री महाकाल,” “हर हर महादेव,” और “ॐ नमः शिवाय” के जयकारों से गूंज रहा था।
श्रद्धालुओं ने इस दिव्य माहौल में पूजन-अर्चन कर अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। महाकाल मंदिर की अलौकिक भस्म आरती और अद्वितीय श्रृंगार ने सभी का मन मोह लिया।



