नक्सली हमले में 9 जवान शहीद: केंद्रीय गृहमंत्री बोले – बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, मार्च 2026 तक खत्म होगा नक्सलवाद

रायपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर जवानों से भरी गाड़ी को निशाना बनाया। इस हमले में दंतेवाड़ा डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के 8 जवान और वाहन चालक शहीद हो गए। यह हमला बीजापुर के कुटरू-बेदरे मार्ग पर हुआ, जहां नक्सलियों ने 50 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल कर सड़क पर बड़ा गड्ढा बना दिया।
इस हृदयविदारक घटना पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “बीजापुर में हुए आईईडी ब्लास्ट में डीआरजी के वीर जवानों को खोने की सूचना अत्यंत दुखद है। उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हम मार्च 2026 तक भारत की भूमि से नक्सलवाद को समाप्त करके ही रहेंगे।”

राज्यपाल रमेन डेका ने भी इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “नक्सलियों द्वारा जवानों पर हमला जघन्य अपराध है। ईश्वर शहीद जवानों की आत्मा को शांति प्रदान करें और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।”
हमले की जानकारी:
नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट से डीआरजी के जवानों की गाड़ी को उड़ाया, जिससे वाहन का एक हिस्सा सड़क से 40 फीट ऊपर पेड़ पर जाकर लटक गया। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सड़क पर करीब 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। यह घटना सुरक्षा बलों को चुनौती देने और भय का माहौल बनाने की नक्सलियों की साजिश को दर्शाती है।
सरकार का रुख सख्त:
केंद्रीय गृहमंत्री ने स्पष्ट किया है कि नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों का ऑपरेशन तेज किया जाएगा। उन्होंने जवानों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि यह संघर्ष उनके सपनों को साकार करने के लिए जारी रहेगा।
घटना की कड़ी निंदा और समर्थन:
राज्यपाल डेका ने इसे मानवता के खिलाफ बताया और कहा कि ऐसी घटनाएं विकास और शांति की राह में बाधा डालने का प्रयास हैं। सरकार और प्रशासन ने इस घटना के दोषियों को जल्द सजा दिलाने की प्रतिबद्धता जताई है।
स्थिति पर नजर:
सुरक्षा बलों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। इस हमले ने एक बार फिर नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्प की आवश्यकता को उजागर किया है।



