सीएम डॉ. मोहन यादव आज 66 मेडिकल मोबाइल यूनिट को देंगे हरी झंडी, 21 जिलों के लाखों लोगों को मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा
भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज प्रदेश में 66 मेडिकल मोबाइल यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह यूनिट्स 21 जिलों के 87 विकासखंडों में तैनात होंगी, जिससे लाखों नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। खासकर प्रदेश के दूरस्थ और पिछड़े इलाकों में यह सुविधा पहुंचाने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट सेवा की शुरुआत की जा रही है। इस सेवा के तहत 1268 ग्रामों की लगभग 3.12 लाख आबादी को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।
प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट की लागत लगभग 33 लाख 86 हजार रुपये है और ये यूनिट्स जीपीएस से लैस होंगी। इन यूनिट्स में सक्शन मशीन, कान जांच की ऑटो स्कोप, एक्स-रे मशीन, स्ट्रेचर और ऑक्सीजन सिलेंडर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ये यूनिट्स हर महीने 24 दिन गांवों का दौरा करेंगी और ग्रामीणों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी।
इस योजना का लाभ प्रदेश के अनूपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दतिया, डिंडोरी, गुना, ग्वालियर, कटनी, मंडला, मुरैना, नरसिंहपुर, सतना, शहडोल, श्योपुर, सीधी, शिवपुरी, जबलपुर, रायसेन, उमरिया और विदिशा जिलों के नागरिकों को मिलेगा।
यूनियन कार्बाइड मामला: एमपी सरकार हाईकोर्ट में दाखिल करेगी शपथ पत्र
भोपाल गैस त्रासदी के कचरे को जलाने को लेकर जारी विवाद के बीच मध्य प्रदेश सरकार आज उच्च न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल करेगी। सरकार विरोध का हवाला देते हुए कचरा जलाने के लिए अतिरिक्त समय मांगेगी। इससे पहले, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से 6 जनवरी तक कचरा ट्रांसपोर्टेशन की स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।
गौरतलब है कि भोपाल गैस त्रासदी के कचरे को धार जिले के पीथमपुर में जलाने को लेकर जमकर विरोध हो रहा है, और इसे लेकर राज्य सरकार के खिलाफ तीव्र प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
