4 जनवरी महाकाल आरती: बाबा महाकाल का दिव्य राजा स्वरूप, यहां करें LIVE दर्शन

उज्जैन (शिखर दर्शन) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर बाबा महाकाल की दिव्य आरती और भव्य श्रृंगार के दर्शन हुए।
सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, जिसके बाद भगवान महाकाल का विधिवत अभिषेक और पूजन संपन्न हुआ।

सबसे पहले भगवान का जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद पंचामृत, जिसमें दूध, दही, घी, शहद, और विभिन्न फलों के रस शामिल थे, से अभिषेक कर पूजन किया गया। महाकाल के मस्तक पर त्रिशूल और चंद्र अर्पित कर भांग, चंदन, और आभूषणों से उनका राजा स्वरूप में दिव्य श्रृंगार किया गया।
श्रृंगार के दौरान बाबा महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी मालाएं धारण कीं। भस्म चढ़ाकर बाबा को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किया भस्म आरती का दर्शन
अलसुबह हुई भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने भगवान महाकाल और नंदी महाराज के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं फुसफुसाकर श्रद्धालुओं ने बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूरे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की जय-जयकार गूंजती रही। “जय जय श्री महाकाल,” “हर हर महादेव,” और “हर हर शंभू” के उद्घोषों से मंदिर का वातावरण भक्तिमय हो गया। बाबा महाकाल की इस अलौकिक आरती के दर्शन ने श्रद्धालुओं को गहरी आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की।
