रायपुर संभाग

BIG BREAKING: ED का खुलासा – कवासी लखमा के घर छापे में नगद लेन-देन के सबूत और आपत्तिजनक रिकॉर्ड बरामद

रायपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मारे गए छापे के बाद अब चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। ईडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर पोस्ट कर जानकारी दी कि लखमा और उनके करीबियों से जुड़े परिसरों की तलाशी में नगद लेन-देन के महत्वपूर्ण सबूत और आपत्तिजनक डिजिटल रिकॉर्ड बरामद हुए हैं।

ईडी का आरोप: नकद में बड़े पैमाने पर लेन-देन

ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि कवासी लखमा अपने कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर अपराध की आय (Proceeds of Crime – POC) के मुख्य प्राप्तकर्ता थे। जांच एजेंसी ने रायपुर, धमतरी और सुकमा जिलों में स्थित सात परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें उनके बेटे हरीश लखमा और करीबी सहयोगियों के ठिकाने भी शामिल थे।

ईडी ने कहा कि तलाशी के दौरान घोटाले की अवधि के दौरान पीओसी के उपयोग से संबंधित सबूत जुटाए गए। इसके साथ ही कई डिजिटल उपकरणों को जब्त किया गया, जिनमें कथित तौर पर आपत्तिजनक जानकारी संग्रहीत थी।

शराब घोटाले में बड़ा नाम

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि छत्तीसगढ़ में 2019 से 2022 के बीच हुए शराब घोटाले से करीब 2161 करोड़ रुपये की आय हुई। यह आय मुख्य रूप से चार प्रकार के अवैध लेन-देन से जुड़ी थी:

  1. भाग-ए कमीशन: राज्य शराब निगम द्वारा डिस्टिलर्स से खरीदी गई शराब पर प्रति केस रिश्वत।
  2. भाग-बी कच्ची शराब बिक्री: सरकारी दुकानों से “ऑफ-द-बुक्स” देशी शराब की बिक्री, जिसमें राज्य को कोई राजस्व नहीं मिला।
  3. भाग-सी कमीशन: डिस्टिलर्स से कार्टेल बनाने और बाजार हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए ली गई रिश्वत।
  4. FL-10A लाइसेंस धारकों से कमीशन: विदेशी शराब से अवैध आय अर्जित करने के लिए।

तलाशी में बरामदगी और गिरफ्तारियां

ईडी ने बताया कि तलाशी के दौरान नगद लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। इसके अलावा, इस घोटाले में अब तक पांच लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

ईडी की कार्रवाई जारी

ईडी ने अब तक 205 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। मामले में दो पूरक अभियोजन शिकायतें विशेष न्यायालय (पीएमएलए), रायपुर में दायर की गई हैं, जिन पर अदालत ने संज्ञान लिया है। जांच अभी जारी है, और भविष्य में और भी खुलासे होने की संभावना है।

पृष्ठभूमि

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद बन चुका है। कवासी लखमा पर लगे आरोपों ने इस घोटाले को और गहराई दी है। ईडी की जांच और बरामद सबूतों के बाद अब राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

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