बाघिन की गतिविधियों से वन विभाग में चिंता, सतर्कता बढ़ी

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही ( शिखर दर्शन ) //
मरवाही वनमंडल के जंगलों में बाघिन की उपस्थिति ने वन विभाग के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। हालांकि, यह राहत की बात है कि बाघिन ने अभी तक जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर रुख नहीं किया है, जिससे ट्रैकिंग कर रहे वन कर्मियों को थोड़ी राहत मिली है।
वाइल्ड लाइफ की टीम और वन कर्मी बाघिन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। बाघिन के गले में कॉलर आईडी लगाए जाने के कारण उसकी हर गतिविधि का पता चल रहा है, जिससे टीम को समय रहते लोगों को सतर्क करने में मदद मिल रही है। हाल ही में, खोडरी रेंज में बाघिन ने गाय और बछड़े का शिकार किया है।

डीएफओ रौनक गोयल ने बताया कि बाघ का विचरण मरवाही वन क्षेत्र में हो रहा है और इसके आस-पास के राजस्व ग्रामों जैसे उम्रखोई और करिआम में मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। हालांकि, वन विभाग ने लक्ष्मणधारा और जोझा जैसे पर्यटन स्थलों के लिए कोई विशेष एडवाइजरी जारी नहीं की है। भविष्य में बाघिन के विचरण को लेकर अलर्ट जारी किया जा सकता है। वन विभाग की टीम बाघ की निरंतर मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग कर रही है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।



